भोपाल: टीकाकरण में लापरवाही पर सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा को स्वास्थ्य आयुक्त का कारण बताओ नोटिस
भोपाल में टीकाकरण में लापरवाही पर सीएमएचओ को नोटिस, एनएसयूआई ने स्वास्थ्य विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
भोपाल: राजधानी भोपाल में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर स्वास्थ्य आयुक्त धनराजू एस ने भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनीष शर्मा को राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस में डॉ. शर्मा को एक सप्ताह के अंदर लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। यदि संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
नोटिस का मुख्य कारण:
स्वास्थ्य आयुक्त के नोटिस में कहा गया है कि भोपाल जिले में राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति नहीं हुई है। इससे पूरे राज्य की टीकाकरण उपलब्धियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इस लापरवाही को स्वास्थ्य विभाग ने बेहद गंभीर माना है।

एनएसयूआई का तीखा हमला:
इस मामले पर एनएसयूआई ने तेज प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था और टीकाकरण पर ध्यान देने की बजाय फर्जी अस्पतालों से वसूली और सांठगांठ में व्यस्त हैं। परमार ने दावा किया कि जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रितेश रावत के साथ मिलकर फर्जी अस्पतालों और अस्पताल माफियाओं से सांठगांठ कर फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रवि परमार ने कहा, “जब राजधानी भोपाल में टीकाकरण की यह दयनीय स्थिति है, तो पूरे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की कल्पना की जा सकती है। आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
लोकायुक्त में पहले से केस, फिर भी जिम्मेदारी:
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने आरोप लगाया कि डॉ. मनीष शर्मा के खिलाफ लोकायुक्त में पहले से प्रकरण दर्ज होने के बावजूद उन्हें भोपाल जैसे महत्वपूर्ण जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई, जो गंभीर चिंता का विषय है। दोनों नेताओं ने मांग की है कि डॉ. मनीष शर्मा को तत्काल निलंबित किया जाए, निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। अक्षय तोमर ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो एनएसयूआई स्वास्थ्य संचालनालय और उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के निवास का घेराव करेगा तथा प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति बनाएगा।
एनएसयूआई का संकल्प:
एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता, जवाबदेही और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए वह निरंतर संघर्ष करता रहेगा।

