शाजापुर में डकैती की साजिश नाकाम: पुलिस ने 5 आरोपी किए गिरफ्तार, ₹16.50 लाख का माल बरामद

मक्सी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पेट्रोल पंप पर डकैती की तैयारी कर रहे 5 बदमाशों को पकड़ा, लूटा गया सोना-चांदी बरामद

शाजापुर में डकैती की साजिश नाकाम: पुलिस ने 5 आरोपी किए गिरफ्तार, ₹16.50 लाख का माल बरामद

शाजापुर। जिले के थाना मक्सी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डकैती की तैयारी कर रहे 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय और एसडीओपी अजय कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से पहले की गई लूट का करीब ₹4.50 लाख का सोना-चांदी, डकैती में इस्तेमाल होने वाली KIA Sonet कार और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। कुल बरामदगी लगभग ₹16.50 लाख आंकी गई है।

मामला कैसे खुला?

थाना मक्सी में दर्ज अपराध क्रमांक 163/2026 (धारा 331(6), 309(3) BNS) की जांच के दौरान 10 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिली कि मक्सी बायपास स्थित एबी रोड ब्रिज के पास एक काली कार (MP-13-AK-1978) में सवार 5 लोग जीयो पेट्रोल पंप, मक्सी पर डकैती की योजना बना रहे हैं। सूचना पर दो पुलिस टीमें गठित कर मौके पर भेजी गईं।

पुलिस पर हमला के पकड़े गए आरोपी

घेराबंदी होते ही आरोपी भागने लगे और पुलिस दल पर गुलेल से पथराव किया। इस दौरान एक आरोपी ने आरक्षक चंद्रशेखर जाट पर स्क्रू-ड्राइवर से हमला कर दिया, जिससे उनके दाहिने हाथ में चोट आई। बावजूद इसके पुलिस टीम ने पीछा कर सभी पांचों आरोपियों को दबोच लिया।

गिरफ्तार आरोपी:-

1. मिथुन पारदी (33) — निवासी खेजड़ा चक, हाल हड्डी मिल, गुना
2. बाली पारदी (30) — निवासी करय्या, थाना बहादुरपुर, अशोकनगर
3. देवराज पंवार/पारदी (22) — निवासी विश्वानगर, हाल बूढ़ा बालाजी, गुना
4. वनराज पंवार/पारदी (21) — निवासी विश्वानगर, हाल बूढ़ा बालाजी, गुना
5. अभिषेक सेलर/केवट (27) — निवासी पिपलोद, थाना कैंट, गुना

पूछताछ में खुलासा

आरोपियों ने 20 जून 2026 को की गई लूट की वारदात कबूल की और बताया कि लूटा गया सोना-चांदी सिरोलिया के जंगल में छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने निशानदेही पर आभूषण बरामद कर लिए। आरोपियों के पास से प्रेशर गैस कटर सहित अन्य औजार भी जब्त किए गए हैं। पुलिस अन्य वारदातों में भी आरोपियों की संलिप्तता की जांच कर रही है।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक संजय वर्मा, उपनिरीक्षक मनोहर चौहान, सहायक उपनिरीक्षक अभिषेक दीक्षित, प्रधान आरक्षक रामेश्वर जाटव, राजेश पटेल, विपिन सिंह तोमर, निलेश जामलिया तथा आरक्षक चन्द्रशेखर जाट, रोहित पटेल, सुरेश मालवीय और जगदीश मीणा महत्तवपूर्ण भूमिका रही।