29 अप्रैल को बंगाल की जंग: 142 सीटों पर वोटिंग, भवानीपुर में ममता vs सुवेंदु आमने-सामने

पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान होगा। भवानीपुर में सीएम ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच महामुकाबला, संदेशखली का मुद्दा और 2.5 लाख जवानों की तैनाती। जानें इस चरण का पूरा समीकरण।

29 अप्रैल को बंगाल की जंग: 142 सीटों पर वोटिंग, भवानीपुर में ममता vs सुवेंदु आमने-सामने

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण में राज्य की 142 विधानसभा सीटों पर 29 अप्रैल (बुधवार) को मतदान होगा। इस चरण का चुनाव बेहद निर्णायक माना जा रहा है क्योंकि राजनीतिक विश्लेषक इसे राज्य की सत्ता का भविष्य तय करने वाला चरण बता रहे हैं। पहले चरण में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान हो चुका है, जबकि सभी 294 सीटों के नतीजे 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे।

दूसरे चरण की इन 142 सीटों को ममता बनर्जी का पारंपरिक गढ़ माना जाता है। 2021 के विधानसभा चुनाव में इनमें से 123 सीटें तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने जीती थीं, जबकि भाजपा को सिर्फ 18 सीटें मिली थीं और एक सीट अन्य के खाते में गई थी। प्रेसिडेंसी डिवीजन (कोलकाता और आसपास के इलाके) की लगभग सभी सीटें इसी चरण में शामिल हैं, जहां पिछले तीन चुनावों में TMC का लगातार वर्चस्व रहा है।

1448 उम्मीदवार मैदान में..
इस चरण में कुल 1448 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस ने सभी 142 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। भाजपा ने 141 सीटों पर प्रत्याशी दिए हैं, वामपंथी दलों और अन्य छोटे दलों के उम्मीदवार भी मैदान में हैं।

मतदान वाले मुख्य जिले इस प्रकार हैं..
साउथ 24 परगना
नॉर्थ 24 परगना
हावड़ा
नदिया
पूर्वी एवं पश्चिम मेदिनीपुर
पूर्वी एवं पश्चिम बर्धमान

इन जिलों में कोलकाता महानगर, उसके उपनगर और दक्षिण बंगाल के कई अहम इलाके शामिल हैं।

सबसे हॉट मुकाबला:
भवानीपुर में ममता vs सुवेंदु, दूसरे चरण की सबसे चर्चित और प्रतिष्ठा वाली सीट, भवानीपुर है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा के नेता व विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं। भवानीपुर को ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता है। वे 2011 से लगातार यहां से चुनाव लड़ रही हैं और जीत रही हैं। लेकिन इस बार मुकाबला बेहद रोचक हो गया है। सुवेंदु अधिकारी पहली बार भवानीपुर से चुनाव लड़ रहे हैं। 2021 में सुवेंदु ने नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराया था, जिसने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया था। 2024 के लोकसभा चुनाव में भवानीपुर क्षेत्र में TMC और BJP के बीच वोटों का अंतर महज 8 हजार के आसपास रहा था, जिसमें TMC को मामूली बढ़त मिली थी। अब विधानसभा में यह मुकाबला और तीखा हो गया है। दोनों नेताओं ने यहां जोरदार रैलियां की हैं और एक-दूसरे पर जमकर हमले किए हैं।

बॉर्डर इलाकों में CAA और घुसपैठ का मुद्दा गर्म..
दूसरे चरण में बांग्लादेश सीमा से सटी कई संवेदनशील सीटें शामिल हैं, जैसे:

नॉर्थ 24 परगना: बगदा, बशीरहाट, स्वरूपनगर, बोंगो
साउथ 24 परगना: संदेशखली, हिंगलगंज, बसंती आदि

इन इलाकों में CAA (नागरिकता संशोधन कानून), अवैध घुसपैठ और सीमा सुरक्षा भाजपा का प्रमुख मुद्दा है। 2024 लोकसभा चुनाव से पहले संदेशखली हिंसा ने पूरे देश का ध्यान खींचा था। पिछले चुनाव में इन सीटों पर TMC का मजबूत कब्जा था, लेकिन भाजपा ने अब इन क्षेत्रों में लगातार रैलियां और प्रदर्शन कर अपना फोकस बढ़ाया है। TMC इन इलाकों में स्थानीय विकास और अल्पसंख्यक वोट बैंक पर भरोसा कर रही है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम..
चुनाव आयोग ने दूसरे चरण के लिए सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया है। करीब 2.5 लाख सुरक्षाकर्मी 142 सीटों पर तैनात किए गए हैं। सीमावर्ती और संवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। 2021 के बाद कई इलाकों में हुई हिंसा को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय बलों की भारी तैनाती की गई है।


पहले चरण का संदर्भ..
पहले चरण (23 अप्रैल) में 152 सीटों पर मतदान हुआ। TMC और BJP दोनों ने अच्छी बढ़त का दावा किया है। 2021 में इन 152 सीटों में TMC को 93 और BJP को 59 सीटें मिली थीं। दूसरे चरण के नतीजे के साथ ही साफ हो जाएगा कि बंगाल में चौथी बार ममता बनर्जी की सरकार बनेगी या भाजपा सत्ता में बदलाव ला पाएगी।


राजनीतिक हमले तेज..
चुनाव प्रचार के अंतिम दिनों में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है। हाल ही में दक्षिण 24 परगना में एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भ्रष्ट हैं, लेकिन ममता बनर्जी भी भ्रष्टाचार में कम नहीं हैं।
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने TMC पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा है कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो TMC को राज्य से पूरी तरह मिटा देंगे। वहीं TMC ममता बनर्जी के नेतृत्व में विकास कार्यों, महिला सशक्तिकरण और अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं पर जोर दे रही है।

क्या कहते हैं जानकार..
चुनावी विशेषज्ञों का मानना है कि दूसरे चरण का मतदान राज्य की राजनीति की दिशा तय करेगा। अगर TMC इन 142 सीटों में अपनी पिछली बढ़त (123 सीटें) बनाए रखती है या उससे बेहतर प्रदर्शन करती है, तो सत्ता बरकरार रखना आसान होगा। वहीं भाजपा अगर इन सीटों में पिछले चुनाव से काफी ज्यादा सीटें जीतती है, खासकर प्रेसिडेंसी डिवीजन और बॉर्डर इलाकों में, तो राज्य में सत्ता परिवर्तन की संभावना मजबूत हो जाएगी। वोटिंग 29 अप्रैल को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। मतगणना 4 मई को होगी। सुरक्षा बलों की मौजूदगी में शांतिपूर्ण मतदान की उम्मीद है, लेकिन पिछले अनुभवों को देखते हुए तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।