महिला आरक्षण पर घमासान: कांग्रेस ने की सभी 543 सीटों पर तत्काल महिला आरक्षण लागू करने की मांग
महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर सियासत तेज। कांग्रेस ने मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक की प्रेस वार्ता।
भोपाल। महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। राजधानी भोपाल में डॉ. रागिनी नायक ने प्रेस वार्ता कर भाजपा पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता ने केंद्र की मोदी सरकार पर महिला आरक्षण कानून को लागू करने में देरी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
डॉ. रागिनी नायक ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को 2023 में सर्वसम्मति से संसद से पारित किया गया था। लेकिन सरकार इस कानून को जनगणना और परिसीमन जैसी प्रक्रियाओं से जोड़कर इसे लंबा खींच रही है, जिससे महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकार से वंचित रखा जा रहा है।

सरकार का यह कदम विशेष रूप से आगामी चुनावों और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर उठाया गया है। यदि सरकार की मंशा साफ होती तो साल 2019 से ही महिला आरक्षण लागू किया जा सकता था। कांग्रेस ने मांग की है कि लोकसभा की सभी 543 सीटों पर तत्काल महिला आरक्षण लागू किया जाए और इसमें पिछड़े, दलित और आदिवासी वर्ग की महिलाओं के लिए उचित हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाए।
परिसीमन के मुद्दे पर भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित बदलावों से दक्षिणी और छोटे राज्यों के संसदीय प्रतिनिधित्व में कमी आ सकती है। इसके साथ ही दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई है।

अपने बयान में डॉ. नायक ने यह भी कहा कि पंचायत और स्थानीय निकायों में 73वें और 74वें संविधान संशोधन के जरिए महिलाओं को 33% आरक्षण देने का कार्य कांग्रेस शासनकाल में हुआ था, जिसके परिणामस्वरूप लाखों महिलाएं आज निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने सरकार पर महिला सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर भी सवाल उठाए और कई घटनाओं का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर केंद्र सरकार का रवैया संतोषजनक नहीं रहा है।
Varsha Shrivastava 
