भोपाल: गणतंत्र दिवस के बाद पहली कैबिनेट, निवेश और विकास पर जोर
भोपाल में कैबिनेट ने गणतंत्र दिवस के बाद कई अहम योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिसमें निवेश, सामाजिक कल्याण, पर्यटन, जल संसाधन और कृषि क्षेत्र शामिल हैं।
भोपाल:मोहन यादव कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हुई जिसमे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के साथ कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक की जानकारी देते हुए एमएसएमई मिनिस्टर चेतन कश्यप ने बताया कि भोपाल में गणतंत्र दिवस के बाद पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए। मंत्री चेतन कश्यप ने बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी साझा की और सभी को गणतंत्र दिवस की बधाई दी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वर्ल्ड इकोनामिक फोरम की जानकारी दी
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव हाल ही में वर्ल्ड इकोनामिक फोरम में शामिल हुए थे और मंत्रिमंडल को वहां हुई चर्चाओं एवं निवेश संभावनाओं के बारे में अवगत कराया। बैठक में यह बताया गया कि भारत से सबसे बड़ा दल इस मंच पर गया था और मध्य प्रदेश को निवेश का प्रमुख गंतव्य बनाने में सफलता मिली है।

सामाजिक कल्याण के लिए 56 बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था
सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। संध्या छाया सेवा भारती के माध्यम से लगभग 34 कमरे और 56 बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था की गई, जो लंबे समय से प्रस्तावित थी। इसके अलावा, महाकाल महोत्सव सहित कई सांस्कृतिक गतिविधियों को आयोजित करने की जानकारी दी गई। खेल के क्षेत्र में भी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में खेलो एमपी यूथ गेम्स का उद्घाटन किया जाएगा।
टाइगर रिजर्व में सुरक्षा के लिए 390 करोड़ की योजना स्वीकृत
पर्यटन और पर्यावरण से जुड़ी परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। पचमढ़ी में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद विकास कार्य नए सिरे से शुरू किए जाएंगे, जिससे यह पर्यटन का हब बन सके। मध्य प्रदेश में बाघों की जनसंख्या बढ़ने के चलते टाइगर रिजर्व में सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए 390 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई।
जल संसाधन विभाग की बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
जल संसाधन विभाग की दो बड़ी परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। तवा परियोजना के तहत बागरा शाखा लिफ्ट इरीगेशन से सुहागपुर और बाबई तहसीलों को, जबकि पिपरिया शाखा से सुहागपुर तहसील को पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे क्रमशः 4200 और 6000 हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र लाभान्वित होगा। नरसिंहपुर जिले में इस परियोजना से सिंचाई का रकबा 78-81% तक बढ़ने का अनुमान है। कुल परियोजना लागत 215 करोड़ रुपये से अधिक है।कृषि क्षेत्र में मुख्यमंत्री कृषक फ़सल उपार्जन योजना को 500 करोड़ रुपये के अनुदान सहित मंजूरी दी गई। इसके अलावा, राजस्व विभाग में कार्यालय और भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई।
बेरोजगार युवाओं के लिए ‘निवेश योजना’ का नया प्रारूप
बेरोजगार युवाओं के लिए विदेश प्रशिक्षण और अनुभव कार्यक्रम का नाम बदलकर “निवेश योजना” किया गया है। अब पिछड़ा वर्ग के युवाओं को किसी भी देश में प्रशिक्षण लेने का खर्च राज्य शासन वहन करेगा। इस योजना के तहत हर साल 500-600 युवा लाभान्वित होंगे, जिसके लिए 45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।बैठक में कुल मिलाकर विभिन्न विभागों की 15 योजनाओं को निरंतरता और 5 साल पूरे होने पर क्रियान्वयन की स्वीकृति भी दी गई।सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चेतन कश्यप ने बैठक की पूरी जानकारी मीडिया को साझा की।
sanjay patidar 
