किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला, कुणाल चौधरी बोले- अन्याय बर्दाश्त नहीं

भोपाल में कांग्रेस नेता कुणाल चौधरी ने भाजपा सरकार पर किसानों के साथ अन्याय का आरोप लगाया। उन्होंने ऋण वसूली की तारीख बढ़ाने, गेहूं खरीदी तुरंत शुरू करने और उचित दाम दिलाने की मांग की है।

किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला, कुणाल चौधरी बोले- अन्याय बर्दाश्त नहीं

भोपाल: भोपाल में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में प्रदेश की भाजपा सरकार पर किसानों के साथ अन्याय करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां “सर पर लाठी, पेट पर लात और छाती पर गोली” जैसी साबित हो रही हैं, जिससे किसान पूरी तरह से परेशान है।

ऋण वसूली की तारीख बढ़ाने की मांग

कुणाल चौधरी ने किसानों की सोसायटी ऋण वसूली की अंतिम तारीख को तत्काल बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि 28 मार्च की समय-सीमा तय करना किसानों के साथ अन्याय है, क्योंकि पहले से ही किसान आर्थिक संकट से जूझ रहा है।

गेहूं खरीदी में देरी पर सवाल

उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि गेहूं खरीदी 16 मार्च से शुरू होनी थी, लेकिन इसे बढ़ाकर 1 अप्रैल कर दिया गया। इंदौर और उज्जैन संभाग में अब तक एक भी किसान का स्लॉट बुक नहीं होना और बारदानों की कमी सरकार की नाकामी को उजागर करता है। उन्होंने आशंका जताई कि खरीदी की तारीख आगे और बढ़ाई जा सकती है।

कीमत और बोनस को लेकर आरोप

चौधरी ने कहा कि भाजपा सरकार ने 2700 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने का वादा किया था, लेकिन किसानों को 1800 से 2000 रुपये में ही फसल बेचनी पड़ रही है। ₹40 बोनस को उन्होंने “धोखा” बताते हुए कहा कि सरकार किसानों पर एहसान जताने की कोशिश कर रही है।

बिजली बिल, डीजल और महंगाई पर निशाना

उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली के भारी बिलों के कारण किसानों के ट्रैक्टर और बाइक जब्त किए जा रहे हैं। वहीं, डीजल-पेट्रोल की समस्या के चलते किसानों को 2000 रुपये से अधिक का डीजल नहीं मिल रहा, जिससे वे लाइनों में खड़े रहने को मजबूर हैं। केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को भी उन्होंने महंगाई के लिए जिम्मेदार ठहराया।कुणाल चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, ऋण वसूली की तारीख नहीं बढ़ाई गई और गेहूं खरीदी तत्काल शुरू नहीं की गई, तो किसान और कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी