मास्टर प्लान सड़क के विरोध में कांग्रेस की ‘जन अधिकार यात्रा’, प्रभावितों को मुआवजे की मांग
इंदौर में मास्टर प्लान की सड़कों के निर्माण के लिए चल रही तोड़फोड़ कार्रवाई के खिलाफ शहर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने 6 जून को छावनी क्षेत्र में “जन अधिकार यात्रा” निकालने की घोषणा की है।
इंदौर। मास्टर प्लान के तहत इंदौर शहर में चौड़ीकरण के लिए की जा रही तोड़फोड़ को लेकर अब सियासत पूरी तरह भड़क गई है। इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी ने नगर निगम की इस कार्रवाई के खिलाफ सीधे सड़क पर उतरने का फैसला किया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एलान किया है कि आगामी 6 जून को छावनी क्षेत्र में कांग्रेस की ओर से एक विशाल “जन अधिकार यात्रा” निकाली जाएगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य उन प्रभावित परिवारों और व्यापारियों को न्याय दिलाना है, जिनके आशियाने और दुकानें सड़क चौड़ीकरण की भेंट चढ़ गए हैं।
"उज्जैन जैसा नियम इंदौर में क्यों नहीं?"
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने नगर निगम और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मधुमिलन चौराहे से लेकर जगन्नाथ धर्मशाला तक मास्टर प्लान की सड़क निर्माण के लिए निगम ने ताबड़तोड़ तोड़फोड़ की है।
चिंटू चौकसे ने उठाए ये मुख्य सवाल:
- जिन लोगों के मकान और दुकानें तोड़ी गईं, उनमें से कई निर्माण दशकों पुराने और पूरी तरह वैध थे।
- नगर निगम ने प्रभावितों को बिना किसी उचित मुआवजे या पुनर्वास व्यवस्था के बेघर और बेरोजगार कर दिया।
कांग्रेस की मांग है कि जिन नागरिकों की निजी जमीन और निर्माण मास्टर प्लान के लिए लिए जा रहे हैं, उन्हें भूमि अधिग्रहण नियमों (Land Acquisition Act) के तहत वर्तमान बाजार मूल्य (Market Value) के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।
चौकसे ने सरकार को घेरते हुए कहा कि जब राज्य सरकार उज्जैन में इसी तरह के सड़क चौड़ीकरण के दौरान प्रभावित लोगों को मुआवजा दे सकती है, तो फिर इंदौर के नागरिकों के साथ यह सौतेला व्यवहार और भेदभाव क्यों किया जा रहा है?
मास्टर प्लान की सभी 23 सड़कों के लिए बने एक समान नीति
कांग्रेस ने प्रशासन के सामने यह कड़ी मांग रखी है कि शहर में मास्टर प्लान के तहत बनने वाली सभी 23 सड़कों पर एक समान और पारदर्शी नीति लागू की जानी चाहिए। किसी भी क्षेत्र के नागरिकों के साथ दोहरा मापदंड नहीं अपनाया जाना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि 6 जून को निकलने वाली 'जन अधिकार यात्रा' तो सिर्फ एक शुरुआत है। अगर नगर निगम और प्रदेश सरकार ने प्रभावितों को उनका हक और उचित मुआवजा नहीं दिया, तो इस आंदोलन को उग्र किया जाएगा और जनता के अधिकारों के लिए कोर्ट से लेकर सड़क तक की लड़ाई लड़ी जाएगी।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष का बयान
"मास्टर प्लान के नाम पर मधुमिलन से जगन्नाथ धर्मशाला तक वर्षों पुराने वैध मकानों और दुकानों को बिना मुआवजा दिए जमींदोज कर दिया गया। हम विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर गरीबों और व्यापारियों को बर्बाद करना बर्दाश्त नहीं करेंगे। जब उज्जैन में मुआवजा दिया जा सकता है, तो इंदौर में क्यों नहीं? इसके विरोध में हम 6 जून को छावनी क्षेत्र में 'जन अधिकार यात्रा' निकालेंगे और पीड़ितों को न्याय दिलाकर रहेंगे- चिंटू चौकसे, शहर अध्यक्ष कांग्रेस एवं नेता प्रतिपक्ष, इंदौर

