Ramapur Baghelan जनसुनवाई के बाद ग्रामीणों ने रोकी कलेक्टर की गाड़ी, 45 मिनट तक फंसे रहे
सतना के रामपुर बाघेलान में जनसुनवाई के बाद ग्रामीणों ने कलेक्टर की गाड़ी रोककर विरोध प्रदर्शन किया। राशन वितरण और तहसील की अव्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने करीब 45 मिनट तक प्रदर्शन किया।
सतना। जिले की रामपुर बाघेलान तहसील में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के बाद उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस वापस लौटने लगे। तहसील परिसर से बाहर निकलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायतों को लेकर उनकी गाड़ी के सामने खड़े हो गए और रास्ता रोक दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए रामपुर बाघेलान के एसडीएम को हटाने की मांग की। हालात को संभालने के लिए पुलिस को मौके पर हस्तक्षेप करना पड़ा। करीब 45 मिनट तक कलेक्टर का वाहन प्रदर्शनकारियों के बीच फंसा रहा।
जनसुनवाई की सूचना पर बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीण
जानकारी के अनुसार रामपुर बाघेलान तहसील में प्रत्येक मंगलवार को नियमित जनसुनवाई नहीं होती। मंगलवार को कलेक्टर के स्वयं जनसुनवाई करने की सूचना मिलने पर क्षेत्र के विभिन्न गांवों से सैकड़ों लोग अपनी समस्याएं लेकर तहसील पहुंचे। कलेक्टर ने लगभग दो दर्जन आवेदकों की शिकायतें सुनकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
हालांकि, बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीण अपनी बारी आने का इंतजार करते रह गए। जैसे ही कलेक्टर वापस जाने लगे, कई शिकायतकर्ता नाराज हो गए और उन्होंने वाहन के सामने खड़े होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
शिकायतें सुने बिना लौटने पर जताई नाराजगी
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि कलेक्टर के लौटने के बाद उनकी शिकायतों पर सुनवाई नहीं हो पाएगी। इसी वजह से उन्होंने वाहन रोककर अपनी समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और एसडीएम को हटाने की मांग भी दोहराई।
पांच महीने से राशन नहीं मिलने का आरोप
प्रदर्शन में सबसे अधिक संख्या तपा गांव के ग्रामीणों की थी। उनका आरोप था कि गांव के उचित मूल्य दुकान संचालक ने करीब 600 हितग्राहियों को पिछले पांच महीनों से राशन वितरित नहीं किया। ग्रामीणों का कहना है कि कई लोगों के फिंगरप्रिंट लिए गए, लेकिन इसके बावजूद उन्हें खाद्यान्न नहीं मिला।
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण वे अपनी समस्या सीधे कलेक्टर के समक्ष रखने पहुंचे थे।
राजस्व मामलों में भी उठाए सवाल
ग्रामीणों ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि क्षेत्र में राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लगातार लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित हल्का पटवारी को पहले भी राजस्व मामलों में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
पुलिस ने संभाली स्थिति
प्रदर्शन बढ़ने पर रामपुर बाघेलान थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक बातचीत और समझाइश के बाद रास्ता खाली कराया गया, जिसके बाद कलेक्टर का काफिला वहां से रवाना हो सका।
मंगलवार की इस घटना ने तहसील स्तर पर शिकायतों के निराकरण, जनसुनवाई व्यवस्था और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के संचालन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की शिकायतों के समाधान के लिए आगे क्या कदम उठाता है।
Anubhav Dubey 
