PM आवास के पास कांग्रेस का प्रदर्शन: राहुल-प्रियंका समेत कई नेता धरने पर बैठे, प्रधानमंत्री से मांगा इस्तीफा

Cockroach Janta Party का आंदोलन तेज: Parliament मार्च के बाद फिर जुटे समर्थक, Dharmendra Pradhan के इस्तीफे पर अड़े, Delhi High Court ने Sonam Wangchuk को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता शिफ्ट करने का आदेश दिया

PM आवास के पास कांग्रेस का प्रदर्शन: राहुल-प्रियंका समेत कई नेता धरने पर बैठे, प्रधानमंत्री से मांगा इस्तीफा

New Delhi। प्रधानमंत्री आवास के पास 21 जुलाई मंगलवार को कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। पार्टी नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई वरिष्ठ नेता धरने पर बैठे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।

यह प्रदर्शन ऐसे क्षेत्र में किया गया, जिसे सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है और जहां आमतौर पर धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं होती। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया। इस दौरान कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप अपने हाथ बांध लिए और शांतिपूर्ण ढंग से धरने पर डटे रहे।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी सहित कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, जबकि पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई की गई।

फिलहाल, इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं सरकार की ओर से इस प्रदर्शन को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

Delhi में Jantar Mantar पर CJP का प्रदर्शन फिर शुरू

Cockroach Janta Party (CJP) ने एक बार फिर Jantar Mantar पर अपना आंदोलन शुरू कर दिया है। सोमवार शाम दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शन स्थल खाली कराए जाने के करीब छह घंटे बाद प्रदर्शनकारी दोबारा लौट आए और देर रात तक नया मंच बनाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। पार्टी के प्रमुख Abhijeet Deepke ने साफ कहा है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan इस्तीफा नहीं देते। उन्होंने मंगलवार को फिर से Parliament March निकालने का भी ऐलान किया है।

कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर मंगलवार को भी प्रदर्शन जारी है। सुबह जब सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस पहुंची तो CJP समर्थकों ने हाय-हाय के नारे लगाए। इस बीच NDA संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि पेपर लीक मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए। दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, किछात्रों पर आंसू गैस क्यों छोड़ी गई, क्यों लाठीचार्ज किया गया। आज कई छात्र अस्पताल में हैं। उन्होंने सरकार से प्रदर्शनकारियों और जेपी नड्डा के बीच हुई बातचीत की जानकारी सदन में देने की मांग की।

हाईकोर्ट का वांगचुक को मेदांता शिफ्ट करने का आदेश

Delhi High Court ने मंगलवार को Sonam Wangchuk को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता शिफ्ट करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि मेदांता उनके इलाज के लिए डॉक्टरों का एक पैनल बनाएगा। कोर्ट ने यह आदेश उनकी पत्नी Gitanjali J Angmo की याचिका पर दिया है।

सोनम 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं। 18 जुलाई को तबीयत बिगड़ने के बाद पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। सोनम की पत्नी ने कोर्ट में याचिका लगाकर उन्हें पसंद के अस्पताल में शिफ्ट कराने की मांग की थी। वह 4 दिन से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में  ही भर्ती थे।

पुलिस कार्रवाई के बाद फिर जुटे प्रदर्शनकारी

सोमवार को शाम करीब पांच बजे दिल्ली पुलिस ने Jantar Mantar से प्रदर्शनकारियों को हटाकर स्थल खाली करा दिया था। हालांकि देर रात करीब 11 बजे तक बड़ी संख्या में समर्थक दोबारा वहां पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने नया मंच तैयार किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे अपनी तीन प्रमुख मांगों के पूरा होने तक धरना समाप्त नहीं करेंगे।

Abhijeet Deepke ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मंगलवार को भी Parliament तक मार्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन सरकार पर दबाव बनाने के लिए प्रदर्शन जारी रखा जाएगा।

इस्तीफे की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी

CJP समर्थक केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे सहित तीन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक Jantar Mantar से हटने का सवाल ही नहीं उठता।

सोमवार को निकाले गए Parliament March के दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी संसद मार्ग तक पहुंच गए थे। बताया जा रहा है कि पिछले 14 वर्षों में पहली बार किसी बड़े प्रदर्शन की भीड़ संसद के मुख्य प्रवेश क्षेत्र तक पहुंची। इससे पहले वर्ष 2012 में Nirbhaya मामले के विरोध प्रदर्शन के दौरान इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आंदोलन देखने को मिला था।

हिंसा की जांच में जुटी Delhi Police

Parliament March के दौरान हुई झड़पों और हिंसा की जांच Delhi Police ने तेज कर दी है। पुलिस मोबाइल फोन, सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और बॉडी कैमरों से प्राप्त 250 से अधिक वीडियो फुटेज की जांच कर रही है। इन फुटेज के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।

वहीं Connaught Place स्थित Regal Cinema के पास हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि सभी वीडियो साक्ष्यों की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Sonam Wangchuk की सुरक्षा बढ़ाई गई

प्रदर्शन के दौरान घायल हुए सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk फिलहाल Safdarjung Hospital में भर्ती हैं। उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस बीच Delhi High Court ने अस्पताल प्रशासन को Wangchuk की मेडिकल रिपोर्ट और हेल्थ बुलेटिन पेश करने के निर्देश दिए हैं। अदालत मंगलवार को रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद आगे का फैसला सुनाएगी।

हालांकि Sonam Wangchuk ने अपना अनशन समाप्त करने से इनकार कर दिया है। उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ अत्यधिक बल प्रयोग किया।

सोमवार को क्या-क्या हुआ

सोमवार को CJP ने सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक Jantar Mantar से Parliament तक मार्च निकाला। इस दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। भाजपा अध्यक्ष J.P. Nadda और CJP के प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत भी हुई, जिसमें नड्डा ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी तीन प्रमुख मांगें उनके सामने रखीं। इसी दौरान केंद्रीय मंत्री Dharmendra Pradhan और गृह मंत्री Amit Shah के बीच भी लंबी बैठक हुई, हालांकि बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई।

New Delhi DCP Sachin Sharma के अनुसार प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों में 90 से 100 पुलिसकर्मी और 50 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर CJP ने मंगलवार को फिर Parliament March निकालने की घोषणा कर दी है, जिससे राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।