मऊगंज और रीवा में होलिका दहन के साथ शुरू हुआ होली का उल्लास

होलिका दहन के साथ शहर और ग्रामीण क्षेत्र में होली का उत्सव शुरू हो गया। रंगोत्सव में अबीर गुलाल की खुशबू से माहौल रंगीन हो गया और इस बार रंग पंचमी चौथे दिन मनाई जाएगी।

मऊगंज और रीवा में होलिका दहन के साथ शुरू हुआ होली का उल्लास
google

शुभ मुहूर्त में परंपरा के साथ सोमवार मंगलवार की देर रात होलिका दहन के साथ होली का पर्व उल्लास के साथ प्रारंभ हो गया। जिले के सभी कस्बाई एवं ग्रामीण क्षेत्र में विधि विधान से होलिका दहन संपन्न हुआ। फाग की टोलियां जगह-जगह सजी रही। लोगों ने पारंपरिक तरीके से भाग व होली के गीत गाते हुए रात में होलिका दहन किया।

मऊगंज जिला मुख्यालय सहित जिले के हनुमना देवतालाब के अलावा नईगढ़ी तहसील मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध फुलवारी मंदिर परिसर में सार्वजनिक होलिका दहन किया गया। होलिका दहन के साथ उपस्थित लोगों ने सात फेरे लगाकर घर परिवार एवं राष्ट्र के सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया। उपरांत लोगों ने एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दी।

रंगोत्सव में अबीर गुलाल की खुशबू

होलिका दहन के साथ शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में होली का उल्लास शुरू हो गया। हालांकि मंगलवार को चंद्र ग्रहण होने के कारण कुछ लोगों ने सोमवार की ही रात होलिका दहन किया तो कुछ लोग ग्रहण के बाद मंगलवार की शाम होलिका दहन करेंगे और बुधवार को धुरेड़ी यानी रंगोत्सव का त्यौहार धूमधामपूर्वक मनाएंगे। इस तरह होलिका दहन के साथ होली का उल्लास भरा माहौल रंगोत्सव में अबीर गुलाल की सुगंध से द्रवीभूत हो गया। इस वर्ष रंग पंचमी पांचवें दिन की बजाय चौथे दिन मनाई जाएगी।

बुधवार को होरियारों की हुड़दंग

रंगोत्सव के पर्व में धुरेड़ी का सबसे बड़ा महत्व है, यानी मस्ती का दिन। इस दिन रंग गुलाल से चेहरा बताता है कि होरियारों ने होली पर जमकर मस्ती की है तो वही पुरानी परंपरा अनुसार रंग में भंग नहीं तो कुछ भी नहीं, फगुआ प्रेमी भंग की तरंग में घर-घर गांव गांव ढोलक की थाप एवं नगड़िया की गड़गड़ाहट में फगुआ गाते नजर आएंगे। युवा पीढ़ी की हुड़दंग जिनकी अलग टोली डीजे की धुन पर सड़क से लेकर मोहल्ले में थिरकती नजर आएगी।