लेबनान के ब्यूफोर्ट किले पर फहरा इजरायली झंडा, 44 साल बाद कैसे किया ये कारनामा?
गोलानी ब्रिगेड के नेतृत्व में इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा कर लिया है. इजरायली रक्षा मंत्री ने कहा कि ये 44 साल बाद हो रहा है.
इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के नबातियेह शहर के पास मौजूद ब्यूफोर्ट किले पर इजरायली और गोलानी ब्रिगेड का झंडा फहराया है. इजरायली ब्रॉडकास्ट कॉर्प ने रविवार (31 मई 2026) सुबह एक तस्वीर सोशल प्लेटफॉर्म पर पोस्ट की. इस पोस्ट में झंडा देखा जा सकता है. इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने इसे 'रणनीतिक जीत' बताया है.
आईडीएफ प्रवक्ता ने अपने एक्स पोस्ट के जरिए इलाके में मौजूद अपने सैनिकों की तस्वीरें भी जारी कीं और कहा कि हमारी सेना अब लितानी नदी के उत्तर में हिजबुल्लाह के खिलाफ लगातार हमले कर रही है. लंबे चौड़े पोस्ट में उन्होंने अब तक की उपलब्धियों को तारीफ के काबिल बताया.
वहीं, इस इजरायल काट्ज ने तस्वीर साझा करते हुए एक्स पोस्ट में लिखा कि गोलानी ब्रिगेड के नेतृत्व में इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा कर लिया है. यह कार्रवाई लितानी नदी के पार ऑपरेशन का विस्तार करने के बाद की गई.
44 שנים אחרי קרב הגבורה על הבופור, וביום האזכרה לחללי מלחמת שלום הגליל ובהם חיילי גולני שנפלו בקרב על הבופור - לוחמי צה"ל ובראשם חטיבת גולני, שבו אל פסגת הבופור והניפו עליה מחדש את דגל ישראל ואת דגל גולני.
— ישראל כ”ץ Israel Katz (@Israel_katz) May 31, 2026
בהנחיית ראש הממשלה נתניהו ובהנחייתי, צה"ל הרחיב את התמרון בלבנון, חצה את… pic.twitter.com/NjtlYSZqu4
खुशी से फूले नहीं समा रहे इजरायली रक्षा मंत्री
इजरायली रक्षा मंत्री ने कहा, "ब्यूफोर्ट की वीरतापूर्ण लड़ाई के 44 वर्ष बाद, और 'गैलीली के लिए शांति' युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के स्मरण दिवस पर जिसमें ब्यूफोर्ट की लड़ाई में शहीद हुए गोलानी ब्रिगेड के सैनिक भी शामिल थे, इजरायली रक्षा बल के सैनिक, गोलानी ब्रिगेड के नेतृत्व में, ब्यूफोर्ट की चोटी पर फिर से लौटे और वहां इजरायल और गोलानी ब्रिगेड का झंडा एक बार फिर फहराया."
काट्ज ने पोस्ट में आगे कहा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निर्देश और उनके अपने मार्गदर्शन में इजरायली सेना ने लेबनान में सैन्य अभियान का विस्तार किया. लितानी नदी को पार किया और ब्यूफोर्ट रिज पर कब्जा कर लिया.
दरअसल, इजराइली रक्षा बल (आईडीएफ) ने 1982 में इस किले पर कब्जा किया था. उस दौरान गोलानी ब्रिगेड के छह सैनिक मारे गए थे, जिनका जिक्र इजराइल काट्ज ने अपनी पोस्ट में किया है. 1982 से 2000 तक दक्षिणी लेबनान पर 18 वर्षों के कब्जे के दौरान इजरायल ने उस किले क्षेत्र को अपने नियंत्रण में रखा था. बाद में सैनिकों को वहां से वापस बुला लिया गया था.
shivendra 
