प्रयागराज में 'छात्रों की गूंज' ,राहुल गांधी ने रोजगार और भर्ती पर उठाए सवाल

प्रयागराज में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों से संवाद किया. रोजगार, पेपर लीक, भर्ती में देरी और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए.

प्रयागराज में 'छात्रों की गूंज' ,राहुल गांधी ने रोजगार और भर्ती पर उठाए सवाल

प्रयागराज। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रयागराज के KP ग्राउंड में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों और युवा नौकरी अभ्यर्थियों से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम का केंद्र शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवाल रहे।

राहुल गांधी ने अपने संबोधन को ‘दर्द, डेटा और दौलत’ के तीन मुद्दों से जोड़ते हुए कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है, लेकिन डिग्री हासिल करने के बाद भी युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा। उन्होंने दावा किया कि हर 1000 युवाओं में केवल 12 को स्थायी नौकरी मिल पाती है।


कार्यक्रम में अलग-अलग कॉलेज और विश्वविद्यालयों से आए सात छात्रों को मंच पर अपनी बात रखने का मौका दिया गया। छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, परीक्षाओं और नियुक्तियों में वर्षों की देरी, महंगी उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदन शुल्क बढ़ने जैसी समस्याएं सामने रखीं।


UP-SI की तैयारी कर रहे छात्र अजय राघव ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। वहीं अविनाश नाम के एक छात्र ने बताया कि वह वर्ष 2018 से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन नई भर्ती के नोटिफिकेशन का इंतजार अब भी जारी है। उन्होंने नियमित वैकेंसी कैलेंडर जारी करने की मांग रखी।



राहुल गांधी ने रोजगार के रास्तों पर भी सवाल उठाते हुए मैन्युफैक्चरिंग, उद्यमिता, सरकारी नौकरी और कॉरपोरेट रोजगार को युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने दावा किया कि मैन्युफैक्चरिंग कमजोर हुई है, छोटे उद्योगों को कर्ज मिलने में परेशानी है, सरकारी भर्तियों में पेपर लीक और देरी की समस्या है तथा AI के बढ़ते इस्तेमाल से कुछ पारंपरिक कॉरपोरेट नौकरियां भी प्रभावित हो रही हैं।

राहुल ने युवाओं के सामने सोशल मीडिया और डेटा के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि भारत के पास बड़ी युवा आबादी और विशाल डेटा है और भविष्य की अर्थव्यवस्था में युवा शक्ति और डेटा दोनों महत्वपूर्ण होंगे। उनके मुताबिक देश की तरक्की का फायदा युवाओं को रोजगार और अवसरों के रूप में मिलना चाहिए।

कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत जून में कोटा से हुई थी। इसके तहत शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी, बढ़ती फीस, भर्ती में देरी और रोजगार जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की बात कही गई है।

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