विश्व हृदय दिवसः हार्ट के इलाज का हब बन रहा रीवा, दूसरे शहरों पर निर्भरता हुई कम
विश्व हृदय दिवस के अवसर पर जहां दिल की सेहत के प्रति जागरूकता फैलाई जा रही है, वहीं रीवा का सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल हृदय रोगों के इलाज में एक नई उम्मीद बनकर उभरा है। अत्याधुनिक तकनीकों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के साथ, रीवा में पिछले 5 वर्षों में 10,000 से अधिक जटिल कार्डियक प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं।
रीवा। विश्व हृदय दिवस के मौके पर जहां पूरी दुनिया को दिल की सेहत के प्रति सजग रहने का संदेश दिया जा रहा है, वही रीवा शहर हृदय रोगों के इलाज में एक नए केंद्र के रूप में उभर कर सामने आया है।
आधुनिक तकनीकों, विशेषज्ञ डॉक्टरों और विश्वसनीय चिकित्सा व्यवस्था की वजह से रीवा न केवल विंध्य क्षेत्र बल्कि समूचे प्रदेश के लिए हार्ट केयर की नई पहचान बन गया है।

इस वर्ष की थीम बीट न मिस करें न केवल दिल की धड़कनों को नियमित बनाए रखने की चेतावनी है, बल्कि यह एक स्वस्थ जीवनशैली और समय पर चिकित्सा हस्तक्षेप के महत्व को भी रेखांकित करती है। ऐसे में रीवा स्थित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ने इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
रीवा के संजय गांधी हॉस्पिटल परिसर में संचालित सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने हृदय रोगों के उपचार में नया इतिहास रचा है। पिछले पांच वर्षों में यहां 10,000 से अधिक कार्डियक प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। इसमें कोरोनरी एंजियोप्लास्टी, पेसमेकर प्रत्यारोपण, बीएमवी (बेलून माइट्रल वॉल्वुलोप्लास्टी), हृदय विफलता प्रबंधन जैसी जटिल प्रक्रियाएं शामिल हैं।

अस्पताल में हर महीने औसतन 225 एंजियोग्राफी, 150 से 200 एंजियोप्लास्टी, 40-50 पेसमेकर इंप्लांट, और लगभग 200 हार्ट फेल्योर के मामले देखे जा रहे हैं। इतना ही नहीं, हर दिन करीब 150 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं और 10 से 15 मरीजों को भर्ती किया जाता है।
बता दे कार्डियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बीडी त्रिपाठी और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके त्रिपाठी की नेतृत्व क्षमता और तकनीकी दक्षता ने इस अस्पताल को प्रदेश के अग्रणी हृदय उपचार केंद्रों में शुमार कर दिया है।

प्रदेश का पहला लीडलेस पेसमेकर इंप्लांट रीवा में हुआ
रीवा मे हार्ट फेल्योर के जटिल मामलों में अल्कोहल आधारित चिकित्सा पद्धति को अपनाया गया, जो प्रदेश में पहली बार हुआ और सफल भी रहा। दो गंभीर रोगियों को पूर्ण रूप से ठीक किया गया। डॉ. एसके त्रिपाठी ने मध्य प्रदेश में राज्य का पहला लीडलेस पेसमेकर प्रत्यारोपण किया, जो एक क्रांतिकारी उपलब्धि है।
इसके अलावा, उन्होंने पूरे भारत में एक ही दिन में सबसे अधिक कोरोनरी एंजियोप्लास्टी का. रिकॉर्ड स्थापित किया है। बता दे पहले हृदय से जुड़ी जटिल बीमारियों के लिए भोपाल, दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ता था,
लेकिन अब रीवा में ही विशेषज्ञ डॉक्टर, अत्याधुनिक तकनीक और समय पर उपचार की संपूर्ण व्यवस्था उपलब्ध है। इससे न केवल समय और पैसा बच रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर विश्वसनीय इलाज भी सुनिश्चित हो रहा है।

रीवा की नई पहचान दिल का भरोसेमंद इलाज
रीवा का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल अब केवल इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि पूरे विंध्य क्षेत्र के लिए आशा और जीवन का प्रतीक बन गया है। आधुनिक कार्डियोलॉजी सुविधाएं, कुशल डॉक्टरों की टीम और सरकार की मदद से यह अस्पताल दिल से जुड़ी बीमारियों से लड़ने के लिए पूरी तरह सक्षम है। जब पूरा विश्व दिल की धड़कनें न थमने देने की बात कर रहा है, रीवा पहले से ही उन धड़कनों को संभालने का मजबूत आधार बन चुका है।
विश्व हृदय दिवस पर विशेष संदेश
डॉ. एसके त्रिपाठी ने बताया इस वर्ष की थीम बीट न मिस करें हमें याद दिलाती है कि दिल की हर धड़कन कीमती है। नियमित जांच, संतुलित आहार, योग, व्यायाम और समय पर चिकित्सा से हम हृदय रोगों से बच सकते हैं। रीवा का सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल इस दिशा में आपके साथ है।
हृदय रोगों से बचाव: ये बातें रखें याद

बॉक्स
हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के रोकथाम और उपचार
हृदयाघात (हार्ट अटैक): यह तब होता है, जब हृदय की मांसपेशियों को रक्त आपूर्ति रुक जाती है। लक्षणों में सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, पसीना और बेचैनी शामिल हैं। तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
रोकथाम: स्वस्थ आहार, व्यायाम, वजन नियंत्रण और धूम्रपान छोड़ना हृदयाघात के जोखिम को कम करता है।
उपचार: अस्पताल में त्वरित कोरोनरी एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी उन्नत प्रक्रियाएं प्रदान की जाती है.

कार्डियक अरेस्ट: यह अचानक हृदय की धड़कन रुकने की स्थिति है, जो तत्काल जानलेवा हो सकती है। लक्षणों में बेहोशी, सांस न लेना और नाड़ी का न चलना शामिल है।
रोकथाम: नियमित स्वास्थ्य जांच, हृदय रोगों का प्रबंधन और स्वस्थ जीवनशैली इसे रोकने में मदद करती है।
उपचार: तत्काल सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) और डिफाइब्रिलेटर का उपयोग जीवन बचा सकता है।

Saba Rasool 
