मैहर जिले में गैस एजेंसियों की मनमानी पर प्रशासन की सख्ती: एक दिन में दो संचालकों के खिलाफ FIR दर्ज
मध्य प्रदेश के मैहर जिले में एलपीजी गैस वितरण में अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एक ही दिन में दो गैस एजेंसियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 और 7 के तहत FIR दर्ज की गई है।
मैहर (मध्य प्रदेश), 6 मई 2026 – उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने में हो रही अनियमितताओं और मनमानी के खिलाफ मैहर जिले के प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एक ही दिन में दो गैस एजेंसियों के संचालकों के खिलाफ अलग-अलग थानों में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 एवं 7 के तहत FIR दर्ज कर ली गई है। यह कार्रवाई उपभोक्ताओं की शिकायतों और विरोध प्रदर्शनों के बाद हुई है, जिससे जिले में गैस एजेंसियों को साफ संदेश गया है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पहली कार्रवाई:
आमातारा इंडेन ग्रामीण वितरण गैस एजेंसी, बदेरा थाना क्षेत्र के आमातारा में संचालित मेसर्स आमातारा इंडेन ग्रामीण वितरण गैस एजेंसी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। स्थानीय ग्राहकों की लगातार शिकायतों के बाद मैहर एसडीएम दिव्या पटेल ने कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी प्रियंका अग्रवाल को जांच का निर्देश दिया। जांच टीम ने एजेंसी पहुंचकर:
- उपभोक्ताओं के बयान दर्ज किए
- मौका मुआयना किया
- स्टॉक रिकॉर्ड की जांच की
- कर्मचारियों के नियुक्ति पत्रों की पड़ताल की
- सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की
जांच में स्टॉक रिकॉर्ड में गड़बड़ी, कर्मचारियों की अनियमित नियुक्ति और सुरक्षा मानकों में व्यापक खामियां पाई गईं। एजेंसी संचालक अभिषेक चतुर्वेदी जांच टीम को संतोषजनक जवाब देने में नाकाम रहे। मंगलवार शाम को जांच प्रतिवेदन बदेरा थाने में प्रस्तुत किया गया, जिसके आधार पर एजेंसी संचालक के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई।
दूसरी कार्रवाई:
मानसी गैस एजेंसी,अमरपाटन, अमरपाटन कस्बे में चल रही मानसी गैस एजेंसी के खिलाफ भी तुरंत कार्रवाई हुई। यहां उपभोक्ताओं ने विभिन्न माध्यमों से शिकायतें की थीं और विरोध प्रदर्शन भी किया था। एसडीएम आरती सिंह के निर्देश पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सहायक आपूर्ति अधिकारी बृजेन्द्र जड़िया ने जांच की।
जांच में पाया गया:
- उपभोक्ताओं के बयान और एजेंसी रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां
- कर्मचारियों की नियुक्ति में अनियमितता
- रिकॉर्ड रखरखाव में लापरवाही
जांच के दौरान एजेंसी संचालिका विमला वर्मा (पति सोहन लाल वर्मा) की जगह उनके पति सामने आए और टीम के साथ सहयोग करने से बचते रहे। मंगलवार को जांच रिपोर्ट अमरपाटन थाने में दी गई, जिस पर संचालिका विमला वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
प्रशासन का सख्त रुख:
मैहर जिले के प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि एलपीजी गैस जैसी आवश्यक वस्तु की सप्लाई में कोई भी अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोनों मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है, जिसमें भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान है। एसडीएम ने कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लिया जाएगा और दोषी पाए जाने पर सख्ततम कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ताओं की आम शिकायतें:
- सिलेंडर समय पर न मिलना
- बिना बुकिंग के सिलेंडर देने से इनकार
- फर्जी बुकिंग और रिकॉर्ड में गड़बड़ी
- सुरक्षा मानकों की अनदेखी
- एजेंसी कर्मचारियों का बदतमीजीपूर्ण व्यवहार

क्या कहते हैं नियम:
आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत गैस एजेंसियों को स्टॉक, बुकिंग, डिलीवरी और सुरक्षा के सख्त नियमों का पालन करना अनिवार्य है। उल्लंघन पर एजेंसी का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
मैहर जिले में हुई यह दोहरी कार्रवाई अन्य गैस एजेंसियों के लिए चेतावनी है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता होने पर तुरंत, जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, संबंधित एसडीएम कार्यालय या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं

