AAP का हल्ला बोल: मौतों के लिए जिम्मेदारों पर हो कार्रवाई, Sagar-Balaghat मामलों में CBI जांच समेत 5 मांगें
सागर शराब कांड और बालाघाट में बच्चों की मौत पर प्रदर्शन, जितेंद्र सिंह तोमर ने सरकार पर साधा निशाना, बोले- ये सरकार नहीं, हत्यारी व्यवस्था है
भोपाल। मध्य प्रदेश के Sagar में जहरीली शराब से मौतों और Balaghat में बच्चों की मौत के मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने राजधानी Bhopal में धरना-प्रदर्शन किया। पार्टी ने दोनों घटनाओं में सरकार से जवाबदेही तय करने और मृतकों के परिवारों को राहत देने की मांग की। कार्यक्रम में AAP के प्रदेश प्रभारी और दिल्ली सरकार के पूर्व कानून मंत्री Jitendra Singh Tomar सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता, जिला पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत Sagar और Balaghat में जान गंवाने वाले लोगों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। AAP नेताओं ने कहा कि दोनों घटनाओं को लेकर सरकार को स्पष्ट जानकारी सामने रखनी चाहिए और प्रभावित परिवारों को तत्काल मदद दी जानी चाहिए।
Sagar मामले में मौतों के आंकड़े पर सवाल
Jitendra Singh Tomar ने आरोप लगाया कि Sagar में जहरीली शराब से हुई मौतों का वास्तविक आंकड़ा सरकारी आंकड़ों से अधिक है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के कार्यकर्ताओं की जानकारी के अनुसार मृतकों की संख्या 32 से ज्यादा हो चुकी है और कई लोग अब भी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।

Sagar के Bunda-Shahgarh क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब पीने के बाद बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने और मौतों का मामला सामने आया था। अलग-अलग रिपोर्टों में मौतों के आंकड़े अलग रहे हैं। प्रशासनिक आंकड़ों और स्थानीय दावों के बीच अंतर भी सामने आया है।

मामले में पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और अवैध शराब के नेटवर्क की जांच जारी है। आप नेता ने आरोप लगाया कि अवैध शराब के कारोबार में स्थानीय स्तर पर मिलीभगत की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।
Balaghat में बच्चों की मौत का मुद्दा
AAP ने Balaghat में आदिवासी बच्चों की मौतों का मुद्दा भी उठाया। Tomar ने दावा किया कि इस मामले में 30 से अधिक बच्चों की मौत हुई है। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर सवाल उठाते हुए सरकार से अस्पतालों में डॉक्टर, दवाइयां, ऑक्सीजन और ICU जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

हालिया रिपोर्टों में Balaghat के आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों के बीमार होने, अस्पतालों में भर्ती होने और मौतों की स्थिति का उल्लेख किया गया है। प्रशासन की ओर से निगरानी, टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
AAP ने CBI जांच समेत 5 मांगें रखीं
AAP ने दोनों मामलों की जांच High Court के सिटिंग जज की निगरानी में CBI से कराने की मांग की। पार्टी ने प्रदेश के आबकारी और स्वास्थ्य मंत्री को हटाने की मांग भी रखी।

इसके अलावा मृतकों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, प्रदेश में अवैध शराब के अड्डों पर कार्रवाई करने सहित जिला अस्पतालों में डॉक्टर और ICU की कमी को 15 दिनों में दूर करने की मांग की गई।

AAP ने घायलों का इलाज सरकार के खर्च पर कराने और सरकारी अस्पतालों का ऑडिट कराने की भी मांग रखी। Jitendra Singh Tomar ने कहा कि यदि 7 दिन में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी प्रदेशभर में जेल भरो आंदोलन शुरू करेगी।
Varsha Shrivastava 
