इंदौर इमारत हादसे में नाबालिग बना फरिश्ता: कनिष्क ने मलबे में फंसे लोगों को निकाला, पेश की इंसानियत की मिसाल

इंदौर के सांवेर में जर्जर मकान की दीवार ढहने से 4 महिला मजदूरों की मौत, डिमोलेशन के दौरान हुए हादसे में कई मजदूर घायल, मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की सहायता, बच्चों की शिक्षा मुफ्त कराने की घोषणा, हादसे की उच्चाधिकारी स्तर पर निष्पक्ष जांच के निर्देश

इंदौर इमारत हादसे में नाबालिग बना फरिश्ता: कनिष्क ने मलबे में फंसे लोगों को निकाला, पेश की इंसानियत की मिसाल

Indore के Sanwer में जर्जर मकान की दीवार गिरने से 4 महिला मजदूरों की मौत हो गई। हादसा डिमोलेशन के दौरान हुआ, जिसमें 5 मजदूर घायल बताए जा रहे हैं। मंत्री तुलसी सिलावट ने MY अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। शासन की ओर से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की सहायता, बच्चों की शिक्षा मुफ्त कराने की घोषणा सहित हादसे की उच्चाधिकारी स्तर पर निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए हैं।

इस हादसे बीच एक नाबालिग बच्चे की बहादुरी की कहानी सामने आई है। जिस वक्त अचानक दीवार भरभराकर गिरी और कई लोग मलबे में दब गए, उस समय Kanishk Makwan अपनी दुकान पर मौजूद था।

तेज धमाके जैसी आवाज सुनते ही वह बिना देर किए घटनास्थल की ओर दौड़ा और अपने पिता व आसपास के लोगों के साथ मिलकर बचाव कार्य में जुट गया। Kanishk ने मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने में मदद की और शुरुआती रेस्क्यू में अहम भूमिका निभाई।

हादसे के बाद Kanishk ने पुलिस और एंबुलेंस को भी सूचना दी। उसकी तत्परता के चलते राहत-बचाव दल को मौके की जानकारी मिली और इसके बाद पुलिस, प्रशासन और नगर परिषद की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन तेज किया। इस घटना के बाद इलाके में Kanishk की बहादुरी और इंसानियत की चर्चा हो रही है।

दुकान पर था Kanishk, धमाके की आवाज सुनकर दौड़ा

बताया गया कि घटना के समय Kanishk Makwan पास ही अपनी दुकान पर मौजूद था और ग्राहकों को सामान दे रहा था। अचानक तेज आवाज के साथ जर्जर दीवार भरभराकर नीचे आ गई। आवाज सुनते ही Kanishk घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा।

Kanishk के मुताबिक हादसे के समय इमारत के आसपास करीब 9 लोग मौजूद थे। दीवार गिरने के बाद कई लोग मलबे में दब गए थे। उसने अपने पिता और आसपास मौजूद लोगों के साथ मिलकर तत्काल लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया।

शुरुआती रेस्क्यू के दौरान मलबे में दबे लोगों तक पहुंचने में Kanishk ने मदद की। इस दौरान दो शवों को भी मलबे से बाहर निकाला गया। इसके बाद उसने पुलिस और एंबुलेंस को फोन कर हादसे की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव की टीम मौके पर पहुंची।

जर्जर मकान तोड़ने के दौरान हुआ हादसा

दरअसल, यह हादसा बुधवार को Sanwer के Tashan Chauraha के पास हुआ। यहां करीब 30 से 40 साल पुराने एक जर्जर मकान को तोड़ने का काम चल रहा था। स्थानीय लोगों के मुताबिक इस मकान को इलाके में ‘Netaji’ के नाम से जाना जाता था।

मकान को डिस्मेंटल करने के दौरान पास स्थित दूसरे पुराने मकान की जर्जर दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार की चपेट में वहां मजदूरी कर रहे कई लोग आ गए। अचानक हुए हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।

सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। JCB और दूसरे संसाधनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। शुरुआती जानकारी में मलबे में एक बच्चे के दबे होने की आशंका भी जताई गई थी, लेकिन मजदूरों से पूछताछ के बाद स्पष्ट हुआ कि कोई बच्चा मलबे में नहीं दबा था।

4 महिला मजदूरों की मौत, 5 लोग घायल

हादसे में मलबे की चपेट में आने से चार महिलाओं की मौत हो गई। मृतकों की पहचान Reena, Seema Bai, Chanda Bai और Sushila Bai के रूप में हुई है। बताया गया कि मृतकों में Reena, Chanda और Seema Bai एक ही परिवार से जुड़ी थीं। Reena और Chanda आपस में जेठानी-देवरानी थीं, जबकि Seema Bai उनकी काकी सास थीं। हादसे में Reena और Chanda की सास Sundar Bai भी घायल हुई हैं।

हादसे में Manju Bai, Sundar Bai, Sunil और Dileep समेत 5 लोग घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए MY Hospital, Indore ले जाया गया, जबकि Santosh Bai का इलाज Sanwer CHC में कराया गया।

एक महीने पहले गिरा था मकान का छज्जा

स्थानीय लोगों के अनुसार जिस जर्जर मकान को तोड़ने का काम चल रहा था, उसका छज्जा करीब एक महीने पहले भी गिरा था। इसके बाद स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी Sanwer Nagar Parishad को दी थी। बताया गया कि मकान मालिक को मकान खाली करने का नोटिस भी दिया गया था।

हादसे के समय मकान मालिक ठेकेदार के साथ मौके पर मौजूद था। घटना के बाद लोगों ने मकान की जर्जर हालत को लेकर सवाल उठाए हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि मकान को तोड़ने के दौरान जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए गए थे या नहीं।

मकान मालिक पर कार्रवाई, जांच जारी

पुलिस के अनुसार जर्जर मकान को तोड़ने का काम मकान मालिक के निर्देश पर कराया जा रहा था। हादसे के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए मकान मालिक को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। हालांकि, पूरे मामले में सुरक्षा नियमों के पालन और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।

पुलिस और प्रशासन की टीम ने मलबा पूरी तरह हटाकर रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर लिया है। अब हादसे की परिस्थितियों और डिमोलेशन के दौरान बरती गई सावधानियों की जांच की जा रही है। जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि हादसा केवल जर्जर दीवार गिरने के कारण हुआ या डिमोलेशन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में भी कोई लापरवाही हुई थी।

Tulsi Silawat ने घायलों का जाना हाल

हादसे की जानकारी मिलने के बाद मंत्री Tulsi Silawat पहले MY Hospital, Indore पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की और उनके इलाज की जानकारी ली। इसके बाद वे Sanwer विधानसभा क्षेत्र में घटनास्थल पर भी पहुंचे।

मंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से चारों मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही घायलों के निशुल्क इलाज और मृतकों के परिवार के बच्चों की शिक्षा मुफ्त कराने की बात कही।

Tulsi Silawat ने हादसे की उच्चाधिकारी स्तर पर निष्पक्ष जांच के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने Sanwer क्षेत्र के जर्जर मकानों को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही।

हादसे के बीच Kanishk की हिम्मत की चर्चा

Sanwer के इस हादसे ने जहां चार परिवारों को गहरा दुख दिया है, वहीं नाबालिग Kanishk Makwan की तत्परता ने लोगों का ध्यान खींचा है। हादसा होते ही मौके पर पहुंचना, मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने में मदद करना और पुलिस-एंबुलेंस को सूचना देना उसके शुरुआती प्रयासों का हिस्सा रहा।

हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस की जांच जारी है। घटना में जिम्मेदारी और लापरवाही से जुड़े सभी पहलू जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे। फिलहाल Sanwer में हुए इस हादसे के बीच Kanishk की बहादुरी और मानवीय मदद की कहानी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।