सतना में डेंगू-मलेरिया का बढ़ता खतरा, रामपुर बाघेलान, अमरपाटन और देवराजनगर बने हॉटस्पॉट
सतना जिले में 6 महीने में डेंगू के 32 और मलेरिया के 22 मरीज मिले हैं. रामपुर बाघेलान, अमरपाटन और देवराजनगर हॉटस्पॉट बने हैं. स्वास्थ्य विभाग ने रैपिड रिस्पांस टीम तैनात कर रोकथाम अभियान तेज किया है.x
सतना. जिले में बारिश के मौसम के बीच डेंगू और मलेरिया के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग की ओर से मलेरिया एवं डेंगू मुक्त अभियान चलाए जाने के बावजूद कई विकासखंड संक्रमण की चपेट में हैं. बीते छह महीनों में जिले में मलेरिया के 22 और डेंगू के 32 मरीज दर्ज किए गए हैं. इनमें रामपुर बाघेलान, अमरपाटन और देवराजनगर को डेंगू और मलेरिया के हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है.
सतना शहर में भी मलेरिया के 6 मामले दर्ज किए गए हैं. ऐसे में एक ओर जहां प्रदेश को मलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं सतना जिले में संक्रमण के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है.
रामपुर बाघेलान में सबसे ज्यादा डेंगू के मरीज
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार रामपुर बाघेलान में मलेरिया के 4 और डेंगू के 12 मरीज मिले हैं. अमरपाटन में डेंगू के 5, देवराजनगर में 4, कोठी में मलेरिया के 2 और डेंगू के 2, मझगवां में मलेरिया के 3 और डेंगू का 1, नागौद में मलेरिया के 3 और डेंगू के 2, उचेहरा में मलेरिया के 3 और डेंगू के 2 मामले दर्ज किए गए हैं.
इसके अलावा सतना शहरी क्षेत्र में मलेरिया के 6 और डेंगू के 2 मरीज मिले हैं, जबकि अमदरा में मलेरिया का 1 और डेंगू के 2 मरीज सामने आए हैं.
कोठी में एक ही परिवार के चार सदस्य मलेरिया संक्रमित
3 अगस्त को कोठी क्षेत्र के ग्राम हटिया में एक ही परिवार के चार सदस्य मलेरिया पॉजिटिव पाए गए. सभी का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है. विभाग के अनुसार परिवार के सदस्य गुजरात की एक फैक्ट्री में काम करते हैं और तबीयत खराब होने के बाद एक सप्ताह पहले गांव लौटे थे.
70 प्रतिशत मरीज बाहर से आए होने का दावा
मलेरिया विभाग का कहना है कि आईएचआईपी पोर्टल पर दर्ज 26 मलेरिया मामलों में से 4 अन्य जिलों के हैं. वहीं डेंगू के 32 मामलों में लगभग 70 प्रतिशत मरीज ऐसे हैं जो पढ़ाई या नौकरी के लिए जिले से बाहर रहते हैं और बीमार होने के बाद इलाज के लिए अपने गृह जिले लौटे हैं. विभाग ने ऐसे मामलों को पोर्टल से हटाने के लिए राज्य कार्यालय को पत्र भेजा है.
रैपिड रिस्पांस टीम ने शुरू की कार्रवाई
कोठी में मलेरिया के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने रैपिड रिस्पांस टीम भेजी. टीम ने मरीज के घर और आसपास 500 मीटर के दायरे में लार्वा सर्वे, फीवर सर्वे और लार्वा विनष्टीकरण कराया. साथ ही दवा का छिड़काव किया गया और मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री व स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली गई.
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. किसी भी नए मरीज के मिलने पर 48 घंटे के भीतर आवश्यक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और नियमित फॉलोअप के निर्देश दिए गए हैं.
Anubhav Dubey 
