Sikkim Tunnel Landslide में 20 मजदूरों के शव मिले, 5 अब भी फंसे; Methane Gas से रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित
Teesta Stage-6 Project की टनल में हादसा, जहरीली गैस के बीच बचाव जारी; ऑक्सीजन सिलेंडर भी बन रहे चुनौती
Namchi (Sikkim)। सिक्किम में NHPC के हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन टनल में हुए लैंडस्लाइड हादसे में अब तक 20 मजदूरों के शव बरामद किए जा चुके हैं। हादसे के बाद टनल में फंसे 25 मजदूरों में से 5 अभी भी अंदर फंसे हुए हैं। रेस्क्यू टीमें लगातार उन्हें बाहर निकालने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन टनल में फैली Methane Gas के कारण बचाव अभियान बेहद मुश्किल हो गया है।
Adiit-3 Tunnel में हुआ हादसा
यह हादसा Teesta Stage-6 Hydroelectric Project की Adit-3 Tunnel में हुआ, जो Namchi district के Samardung-Jholungyang इलाके में बनाई जा रही है। इस टनल का निर्माण Patel Engineering कंपनी कर रही थी। बताया गया कि हादसा Face-4B हिस्से में हुआ, जहां छत से गिरे मलबे के साथ मीथेन गैस भी भर गई। गैस के कारण टनल के अंदर ऑक्सीजन की कमी हो गई, जिससे बचावकर्मियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

Methane Gas बनी रेस्क्यू में बड़ी बाधा
रेस्क्यू टीमों के अनुसार मजदूर टनल के प्रवेश द्वार से करीब 1.5 किलोमीटर अंदर फंसे हैं। टनल का बाकी हिस्सा सुरक्षित बताया जा रहा है। बचावकर्मी 8-8 लोगों की टीम बनाकर अंदर जा रहे हैं। सबसे बड़ी चुनौती ऑक्सीजन की कमी है। एक ऑक्सीजन सिलेंडर करीब 40 मिनट तक ही चल पा रहा है। सिलेंडर खत्म होने से पहले ही राहतकर्मियों को बाहर लौटना पड़ रहा है।
आधुनिक उपकरणों से बचाव कार्य जारी
रेस्क्यू ऑपरेशन में ब्लास्ट-प्रूफ ब्लोअर्स और वेंटिलेशन पाइप की मदद से टनल के अंदर ताजी हवा पहुंचाई जा रही है, ताकि गैस का असर कम किया जा सके। वहीं मलबा हटाने और टनल को सुरक्षित बनाने के लिए शॉटक्रीट और रॉक-बोल्टिंग का काम भी किया जा रहा है।

छोटे लोडर्स और रोबोटिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का प्रयास जारी है। हालांकि गैस का खतरा और लगातार गिर रहा मलबा बचाव कार्य की रफ्तार को प्रभावित कर रहा है। प्रशासन और रेस्क्यू एजेंसियां बाकी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
Varsha Shrivastava 
