टीम से ड्रॉप आउट होने की गिल को नहीं थी खबर, कहीं ये निर्णय बवाल न कर दे

साउथ अफ्रीका सीरीज के लिए उपकप्तान बनाए गए शुभमन गिल को टीम इंडिया से बाहर कर दिया गया है. मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक उन्हें इस बात की खबर नहीं थी कि उन्हें टीम से ड्रॉप किया जाने वाला है, शुभमन दो फॉर्मेट में टीम के कप्तान हैं. ऐसे में इस कारण टीम में बवाल न हो जाए

टीम से ड्रॉप आउट होने की गिल को नहीं थी खबर, कहीं ये निर्णय बवाल न कर दे

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के इंडिया ने टीम की घोषणा कर दी है. शुभमन गिल को टीम में नहीं रखा गया है. कहा जा रहा है कि 20 को ही तय हुआ की गिल का भविष्य क्या होगा, ये सवाल अब हर भारतीय क्रिकेट फैन के मन में है. लेकिन ऐसा नहीं है. ये फैसला साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीसरे T20 मैच के बाद ही हो गया था. यानी 17 दिसंबर को लखनऊ में मैच से पहले ही ये तय था कि गिल अब वर्ल्ड टीम का हिस्सा नहीं होंगे. मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, गिल को उनके ड्रॉप किए जाने की खबर नहीं थी. अगर ऐसा है तो ये टीम के भविष्य के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं. क्योंकि अभी भी शुभमन गिल दो फॉर्मेट में टीम के कप्तान हैं.  

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, BCCI के सूत्र ने बताया है कि शुभमन के भविष्य को लेकर फैसला लखनऊ में रद्द हुए मुकाबले के दौरान ही ले लिया गया था. हालांकि, 20 दिसंबर की सुबह तक न तो चीफ सिलेक्टर ने उन्हें इसकी जनकारी दी थी. न ही कप्तान सूर्यकुमार यादव या मुख्य कोच गौतम गंभीर ने उनसे इस बारे में बात की थी.   

गिल खेलना चाहते थे अहमदाबाद वाला मैच?

सवाल उठ रहे हैं कि कप्तान सूर्यकुमार का पिछले एक साल का रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है. ऐसे में जब उन्हें राहत मिल गई, तो गिल को इस तरह से बाहर क्यों किया गया. जैसे ही यह खबर फैली कि बैटिंग के दौरान गिल के पैर के अंगूठे में चोट लगी है. तभी यह साफ हो गया था कि कुछ ठीक नहीं है. ऐसा लग गया था कि गंभीर और सूर्यकुमार की अगुआई वाला टीम मैनेजमेंट गिल को लेकर मन बना चुका है.

BCCI के मुताबिक, टीम मैनेजमेंट ने पहले ही गिल को बाहर करने का फैसला कर लिया था. गिल अहमदाबाद में खेलना चाहते थे क्योंकि चोट इतनी गंभीर नहीं थी. लेकिन, इसके बावजूद चोट की वजह बताकर उन्हें नहीं ख‍िलाया गया. टीम से बाहर करने के लिए यह उनके लिए पहला संकेत था. क्योंकि साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने तीन मैच में कुल 32 रन ही बनाए थे. शुरुआत में मेडिकल टीम को ‘हेयरलाइन फ्रैक्चर’ की आशंका थी. लेकिन, बाद में स्कैन में पता चला कि यह सिर्फ एक चोट थी और वह पेन किलर्स के सहारे अहमदाबाद मैच खेल सकते थे.

फैसले के गंभीर का कितना हाथ? 

खबरों के मुताबिक इंग्लैंड में टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के आधार पर एशिया कप के लिए गिल को उपकप्तान बनाना गलत फैसला था. विशेषकर तब जब संजू सैमसन ने कुछ भी गलत नहीं किया था. टी20 विश्व कप से सिर्फ पांच मैच पहले उन्हें बाहर करना यह दिखाता है कि यह आगरकर की अगुवाई वाली सिलेक्शन कमिटी ने अपनी गलती सुधारने की कोश‍िश की है.

उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा,

इस फैसले पर मुख्य कोच की छाप ज्यादा दिखती है. पहले भी उनके फैसलों में निरंतरता में कमी नज़र आई है. अगर चीफ सिलेक्टर अजीत आगरकर की बातों पर ध्यान दिया जाए तो वह भी इस फैसले को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं दिखे. क्योंकि वह खुद लंबे समय से पंजाब के इस बैटर को हर फॉर्मेट में टीम इंडिया का फ्यूचर कैप्टन मानते आ रहे हैं.

क्या सूर्या को कप्तान होने का फायदा मिला?

अगर गिल और सूर्यकुमार के आंकड़ों पर नजर डालें तो, गिल को दुखी होने के लिए पर्याप्त वजहें हैं. गिल ने 2025 में 15 पारियों में 291 रन बनाए हैं. उनका स्ट्राइक रेट 137 से अधिक रहा है. वहीं, सूर्यकुमार ने 19 पारियों में मात्र 123.2 के स्ट्राइक रेट से महज 218 रन बनाए हैं. ये अब तक के उनके इंटरनेशनल करियर का सबसे खराब प्रदर्शन है. इसके अलावा, यह भी चर्चा है कि कप्तान की दाहिनी कलाई पूरी तरह ठीक नहीं है.

यानी कुल मिलाकर कहानी ये है कि दो प्लेयर खराब फॉर्म में थे. सिलेक्शन कमिटी को इनमें से किसी एक को बाहर करना था. ऐसे मामलों में अक्सर कप्तान को फायदा मिल जाता है. यहां भी वही हुआ है. कप्तान होने के नाते सूर्यकुमार अपनी जगह बचाने में सफल रहे हैं, जबकि गिल को इसकी कीमत चुकानी पड़ी क्योंकि अभिषेक शर्मा के साथ पारी का आगाज करते हुए वो उतने प्रभावी नहीं दिखे.

यह भी नहीं भूलना चाहिए कि गिल अभी दो फॉर्मेट में टीम इंडिया के कप्तान हैं. ऐसे में यह फैसला भारतीय ड्रेसिंग रूम में अविश्वास का माहौल पैदा कर सकता है. क्या इस तरह से अचानक अपमानजनक तरीके से बाहर किए जाने के बाद गिल और गंभीर के बीच तालमेल बना रहेगा? अगर सूर्यकुमार रन नहीं बना पाए तो वह सिर्फ ड्रेसिंग रूम में ही नहीं, बल्कि टीम में भी जगह गंवा देंगे. जो लोग गंभीर को जानते हैं, उन्हें ये पता है कि उनके लिए ‘जीत सब कुछ नहीं, बल्कि सिर्फ जीत ही सब कुछ है. यानी आज गिल बाहर हुए हैं तो कल सूर्यकुमार की बारी भी आ सकती है.