SIR को लेकर पूर्व मंत्री के गंभीर आरोप: पीसी शर्मा बोले- मेरी विधानसभा में 63 हजार वोटर के नाम कटे
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने “हम दो हमारे तीन”, बांग्लादेश में हिंदू अत्याचार, रोजगार और SIR में वोट कटौती और अतिथि शिक्षकों के मानदेय मुद्दों पर भाजपा और सरकार को घेरा।
भोपाल:SIR को लेकर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि उनकी दक्षिण विधानसभा में करीब 63 हजार वोटरों के नाम काट दिए गए, जबकि वे पिछला चुनाव केवल 13 हजार वोटों के अंतर से हारे थे. पूर्व मंत्री का कहना है कि जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं उनमें से कई लोगों ने पिछले चुनाव में बाकायदा मतदान भी किया था. ऐसे में वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी लोकतंत्र को कमजोर करने वाली है और इसकी निष्पक्ष जांच होना जरूरी है।
अतिथि शिक्षकों के मुद्दे पर पीसी शर्मा ने सरकार को घेरा
वहीं अतिथि शिक्षकों के मुद्दे पर भी पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सरकार को घेरा हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अतिथि शिक्षकों को SIR के काम में लगाया गया है लेकिन इसके बावजूद उन्हें पिछले कई महीनों से मानदेय नहीं दिया गया है. उन्होंने कहा कि यह सरकार पूरी तरह कर्मचारी विरोधी रवैया अपना रही है. पूर्व मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो 19 जनवरी को डीपीआई कार्यालय का घेराव किया जाएगा. जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
“हम दो हमारे तीन” पर सियासी घमासान तेज
भोपाल में “हम दो हमारे तीन” के मुद्दे पर सियासी घमासान तेज हो गया है. रामेश्वर शर्मा के तीन बच्चे वाले बयान पर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने पलटवार किया है.उन्होने कहा कि संघ के लोग शादी नहीं करते और जो शादी करते हैं वे संघ के पदाधिकारी नहीं रहते हैं उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के कई बड़े नेताओं की बेटियों ने मुस्लिम समाज में शादी कर रखी है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर ज्यादा बच्चे होंगे तो उनके लिए नौकरी कहां से आएगी क्योंकि भाजपा का 2 करोड़ रोजगार देने का वादा अब पूरी तरह फैक साबित हो चुका है.
भाजपा नेता जनता का ध्यान भटकाने में जुटे: पीसी शर्मा
पीसी शर्मा ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और कत्लेआम का जिक्र करते हुए कहा कि आज अगर इंदिरा गांधी होतीं तो ऐसी परिस्थितियां नहीं बनतीं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता सिर्फ जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे बयान देते हैं जबकि देश संविधान के हिसाब से चल रहा है.
sanjay patidar 
