गणेश पाण्डेय, भोपाल। उमरिया जिले में स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बुधवार 7 जनवरी 2026 की सुबह एक दुखद घटना सामने आई। टाइगर रिजर्व के ताला वन परिक्षेत्र अंतर्गत कथली बीट (RF-331) में नियमित गश्त के दौरान वन अमले को एक मादा बाघ शावक का शव मिला। शावक की अनुमानित आयु 7 से 8 माह बताई जा रही है।
अन्य वन्य प्राणी से संघर्ष मृत्यु का कारण
शव मिलने की सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला तत्काल मौके पर पहुंचा और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई। घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, साथ ही वन्यप्राणी अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) को भी सूचित किया गया।
वन विभाग द्वारा प्रारंभिक जांच में बाघ शावक की मृत्यु का संभावित कारण किसी अन्य वन्य प्राणी से संघर्ष बताया गया है। जानकारी के अनुसार मादा बाघ शावक 6 जनवरी 2026 से लापता थी, जिसकी तलाश की जा रही थी।

जांच प्रक्रिया के तहत मृत बाघ का पंचनामा तैयार कर घटनास्थल को सुरक्षित किया गया। डॉग स्क्वाड की सहायता से शव और आसपास के क्षेत्र की जांच कराई गई, जिसमें किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या वस्तु नहीं पाई गई। इसके अतिरिक्त मेटल डिटेक्टर से भी शव की जांच की गई ताकि किसी अवैध गतिविधि की पुष्टि की जा सके।
पोस्टमॉर्टम के बाद हुआ बाघ का अंतिम संस्कार
सक्षम वन्य चिकित्सक की उपस्थिति में बाघ शावक का विस्तृत पोस्टमॉर्टम किया गया। पोस्टमॉर्टम के दौरान आवश्यक नमूने एकत्र किए गए, जिन्हें आगे की जांच के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेजा जाएगा। वन विभाग के अनुसार परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जा सकेगी।
सभी वैधानिक प्रक्रियाओं के पूरी होने के बाद 7 जनवरी को ही नियमानुसार मृत बाघ शावक का अंतिम संस्कार (शव दाह) किया गया। वन विभाग ने बताया कि पूरे प्रकरण की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही है और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ जारी है।
