CM मोहन यादव का दमोह दौरा: नोहलेश्वर महोत्सव मेले का किया शुभारंभ, प्रदर्शनी का किया अवलोकन
मुख्यमंत्री ने नोहटा स्थित प्राचीन नोहलेश्वर मंदिर में पहुंचकर शिवलिंग पर पुष्प अर्पित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की, साथ ही उन्होंने मंदिर परिसर का अवलोकन भी किया।
डॉ. मोहन यादव का 13 फरवरी शुक्रवार को मध्य प्रदेश के दमोह जिले के नोहटा क्षेत्र में स्थित ग्राम देवरी हरदुआ में महत्वपूर्ण दौरा रहा। वे यहां आयोजित नोहलेश्वर महोत्सव के अंतर्गत किसान सम्मेलन में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और सरकार द्वारा संचालित किसान कल्याण योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उन्हें गजमाला पहनाई और हल भेंट किया। अपने संबोधन में डॉ. यादव ने कहा कि सरकार किसानों, युवाओं और ग्रामीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा ऐसे आयोजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने नोहटा स्थित प्राचीन नोहलेश्वर मंदिर में पहुंचकर शिवलिंग पर पुष्प अर्पित किए और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने मंदिर परिसर का अवलोकन भी किया और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा तैयार नोहलेश्वर मंदिर के पुराने चित्रों के एलबम का निरीक्षण किया।
महोत्सव परिसर में आयोजित कृषि प्रदर्शनी और मेले का भी मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। प्रदर्शनी में कृषि नवाचार प्रस्तुत करने वाले समीर अहिरवार को उन्होंने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही स्थानीय पारंपरिक कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। सुप्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज अख्तर का पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिनंदन भी किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नोहलेश्वर महादेव की महिमा ऐसी है जो यहां एक बार आता है, उसका मन बार-बार यहां आने को करता है। कृपावंत, कृपाशंकर भगवान नोहलेश्वर महादेव के आशीर्वाद से हम प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए पूरी ऊर्जा और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
नोहलेश्वर महोत्सव आस्था ही नहीं, स्थानीय संस्कृति, परम्परा और सामाजिक समरसता का भी उत्सव है। हमारी सरकार आस्था के स्थलों के संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्रीय जनता की मांग पर नोहटा को परीक्षण के उपरांत नगर परिषद बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दमोह में 2 करोड़ रूपए की लागत से गीता भवन का निर्माण किया जाएगा। दमोह जिले में बांदकपुर-सेमरखो जलाशय की क्षमता में वृद्धि कर 600 करोड़ रूपए की नई सिंचाई परियोजना विकसित की जाएगी। इससे जिले के 33 गांवों के खेतों को सिंचाई के लिये भरपूर पानी मिलेगा।
दमोह में 10 करोड़ रूपए की लागत से वॉटर स्पोर्ट्स, बोट क्लब सहित अन्य पर्यटन गतिविधियों का विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तेंदूखेड़ा और हटा में खेल गतिविधियों के प्रोत्साहन के लिए नए स्टेडियम बनाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दमोह में औद्योगिक प्रक्षेत्र के विकास के साथ क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। सूखे खेत को पानी मिल जाए, तो फसल सोने जैसी हो जाती है। दमोह जिले को देश की पहली नदी जोड़ो केन-बेतवा लिंक परियोजना से सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहली बार श्रीकृष्ण जन्माष्ठमी और गीता जयंती को भव्यता के साथ मनाने की शुरुआत की। मध्यप्रदेश, देश का एकमात्र राज्य है, जो विकास के साथ विरासत का भी संरक्षण कर रहा है।
Varsha Shrivastava 
