क्रिकेट के नियमों में होने जा रहे बड़े बदलाव..कुल 73 संशोधनों को मंजूरी, टेस्ट मैच का बढ़ेगा रोमांच
क्रिकेट के नियमों को बनाने वाली संस्था मेरिलबोन क्रिकेट क्लब ने कुछ बड़े बदलावों को मंजूरी दी है. एमसीसी ने ऐसा फैसला लिया है, जिसके चलते टेस्ट मैचों में रोमांच और बढ़ जाएगा. मेरिलबोन क्रिकेट क्लब ने कुल 73 संशोधनों को मंजूरी दी है.
मेरिलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने क्रिकेट के नियमों में ऐतिहासिक बदलावों का ऐलान किया है. सबसे बड़ा बदलाव टेस्ट क्रिकेट को लेकर किये गए हैं. नियमों कहा गया है कि टेस्ट मैच के आखिरी ओवर के दौरान यदि विकेट गिरता है, तो खेल वहीं खत्म नहीं होगा. नए नियमों के मुताबिक, आखिरी ओवर हर हाल में पूरा किया जाएगा. और आउट होने पर नया बल्लेबाज तुरंत मैदान में आएगा. यह बदलाव एमसीसी की ओर घोषित नए नियमों का हिस्सा हैं, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे.
एमसीसी ने लॉ 12.5.2 में बदलाव करते हुए साफ किया है कि दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर खेल नहीं रूकेगा और नया बल्लेबाज तुरंत क्रिज पर आएगा. बचे हुए गेंद अगले दिन के लिए नहीं छोड़े जाएंगे. MCC की नियम उप-कमेटी का मानना था कि पुराना नियम बल्लेबाजी टीम के पक्ष में झुका हुआ था और इससे मैच का रोमांच भी खत्म हो जाता था. MCC ने कहा, अगर फील्डिंग टीम आखिरी ओवर में विकेट लेती है और बल्लेबाजी टीम को नया खिलाड़ी भेजने की जरूरत नहीं पड़ती, तो यह नाइंसाफी है. यह वक्त अक्सर गेंदबाजों के लिए सबसे अनुकूल होता है और ऐसे में खेल का रोमांच खत्म हो जाता है.
MCC ने आगे कहा कि यह स्पष्ट किया कि यह बदलाव समय बचाने के लिए नहीं है. क्योंकि बची हुई गेंदे अगल दिन फिर भी पूरी करनी पड़ती थी. MCC ने कहा कि इस बार क्रिकेट नियमों कुल 73 महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं. साथ ही कुछ भाषाई सुधार भी किए गए हैं. यह तीसरी बार है जब 2017 के कोड के बाद नियमों में संशोधन हुआ है. पहले 2019 और फिर 2022 में बदलाव हुए थे. इन बदलावों पर अब इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (IPL) की क्रिकेट कमेटी अगली बैठक में चर्चा करेगी, ताकि इन्हें प्लेइंग कंडीशन्स में शामिल किया जा सके. हालांकि, घरेलू क्रिकेट में इन बदलावों को लागू किया जाएगा या नहीं, यह राष्ट्रीय क्रिकेट बोर्ड्स पर छोड़ा गया है.
लैमिनेटेड बैट का इस्तेमाल जायज!
MCC ने वयस्क रिक्रिएशनल क्रिकेट में लैमिनेटेड बैट्स के इस्तेमाल को भी मंजूरी दे दी है. लैमिनेटेड बैट अलग-अलग किस्म की लकड़ियों से बनता है. आम बैट की तुलना में यह काफी सस्ता होता है और अधिकतम तीन लकड़ी के टुकड़ों से बनाया जा सकता है. एमसीसी ने बताया कि इंग्लिश विलो को तैयार होने में 15 साल से ज्यादा समय लगता है और वैश्विक मांग तेजी से बढ़ रही है. इसी वजह से बैट महंगे होते जा रहे हैं. 2017 में ये बैट पहले ही जूनियर क्रिकेट में मंजूर किए जा चुके थे. अब लॉर्ड्स में हुई बैठक और वैश्विक बैट निर्माताओं से बातचीत के बाद एमसीसी ने इन्हें एडल्ट क्लब क्रिकेट के लिए भी हरी झंडी दी है. हिटविकेट नियम में बदलावलॉ 35.1.1 और 35.2 के तहत अब हिटविकेट को लेकर स्थिति साफ कर दी गई है. अगर बल्लेबाज शॉट खेलने के बाद संतुलन खो देता है और कुछ कदम इधर-उधर लेने के बाद स्टम्प्स पर गिर जाता है तो उसे हिट विकेट आउट माना जाएगा, भले ही गेंद काफी पहले खेली जा चुकी हो. हालांकि अगर बल्लेबाज किसी फील्डर से टकराकर स्टम्प्स पर गिरता है, तो वह हिटविकेट आउट नहीं होगा. अगर बल्ला हाथ से छूटकर सीधे विकेट से टकराता है, तो बल्लेबाज आउट होगा, लेकिन अगर बल्ला पहले विकेटकीपर या किसी खिलाड़ी से टकराए और फिर विकेट गिरे, तो नॉट आउट रहेगा.
shivendra 
