नहीं थम रहा वंदे मातरम् विवाद: मालिनी गौड़ ने कहा- ऐसे लोगों के वोट नहीं चाहिए, आकाश विजयवर्गीय बोले- ये लोग देशद्रोही है

रुबीना खान के पति के वायरल वीडियो पर उषा ठाकुर की तीखी प्रतिक्रिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर बीजेपी पार्षद के बयान दर्ज किए। सज्जन सिंह ने कांग्रेस नेताओं पर नाराज़गी जताई।

नहीं थम रहा वंदे मातरम् विवाद: मालिनी गौड़ ने कहा- ऐसे लोगों के वोट नहीं चाहिए, आकाश विजयवर्गीय बोले- ये लोग देशद्रोही है

इंदौर में नगर निगम बजट के दौरान शुरू हुआ वंदे मातरम् विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस मामले में BJP MLA मालिनी गौड़ ने कहा है कि वह उन जगहों पर वोट मांगने भी नहीं जाती, जहां लोग वंदे मातरम् नहीं बोलते हैं। वहीं, आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि जो लोग वंदेमातरम नहीं बोलते वो लोग आतंकी से कम नहीं है, ये लोग देशद्रोही हैं। इधर, वंदे मातरम गाने से मना करने वाली कांग्रेस पार्षद रुबीना खान के पति का महापौर और विधायक के साथ पूजा में साथ बैठे रहने का एक वीडियो वायरल हुआ है। 

मालिनी गौड़ बोलीं- हम ऐसे लोगों से वोट ही नहीं मांगते

वन्दे मातरम के अपमान को लेकर भाजपा विधायक ने कहा कि उन लोगों के वोट मुझे नहीं चाहिए जो वंदे मातरम नहीं बोलते या भारत माता की जय नहीं बोलते और हम उस क्षेत्र में भी वोट मांगने नहीं जाते। जो इस देश में रहेगा, उसे “वंदे मातरम” और “भारत माता की जय” बोलना ही होगा। यह देशभक्ति से जुड़ा विषय है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। 

आकाश विजयवर्गीय ने कहा- ऐसे लोग देशद्रोही हैं

वहीं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि ये तो भाजपा का शासन, मोदी जी की सरकार है। आरएसएस जैसी संस्था है। वरना वंदे मातरम् पर आपत्ति लेने वाले लोग अवसर मिलने पर देश और समाज का बड़ा नुकसान कर सकते हैं। जो लोग वंदेमातरम नहीं बोलते वो लोग आतंकवादी से कम नहीं, ये लोग देशद्रोही है। ये लोग कुरान को गलत पढ़ते हैं गलत समझते हैं इसलिए ऐसा जहर उगलते हैं। जीतू पटवारी जैसे लोगों को जनता को अपने घरों में नहीं घुसने देना चाहिए जब ये आए तो इन्हें भगा देना चाहिए ये ऐसे देशद्रोही लोग हैं।

रुबीना खान के पति का वीडियो वायरल, उषा ठाकुर की तीखी प्रतिक्रिया

वंदे मातरम गाने से मना करने वाली कांग्रेस पार्षद रुबीना खान के पति इकबाल खान का महापौर और विधायक के साथ पूजा में बैठे एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसी को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। वायरल वीडियो में खजराना इलाके में हुए भूमिपूजन कार्यक्रम में इकबाल खान, विधायक महेंद्र हार्डिया और महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित कई बीजेपी नेता पूजा-अर्चना करते दिखाई दे रहे हैं। 

वीडियो सामने आने के बाद वंदे मातरम विवाद को लेकर चल रही सियासत ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में बीजेपी विधायक और प्रदेश प्रवक्ता उषा ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक और संविधान आधारित देश है, जहां किसी भी प्रकार का शासन शरीयत या अन्य धार्मिक कानूनों से नहीं, बल्कि संविधान से चलता है।

उषा ठाकुर ने कहा कि हर नागरिक को अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता है, लेकिन यह स्वतंत्रता संविधान के दायरे में रहकर ही संभव है। उन्होंने वायरल वीडियो और उससे जुड़े बयानों को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे लोगों को अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। वहीं, उन्होंने कांग्रेस नेता जीतू पटवारी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उन्हें वंदे मातरम का सम्मान है, तो ऐसे पार्षदों पर कार्रवाई करें। उषा ठाकुर ने वंदे मातरम को देशभक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसका सम्मान हर नागरिक को करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कुछ नेता जानबूझकर ऐसे विवाद खड़े कर समाज में भ्रम और विभाजन की स्थिति पैदा कर रहे हैं।

वंदे मातरम विवाद पर पुलिस ने शुरू की जांच, बीजेपी पार्षद के बयान दर्ज

इंदौर में वंदे मातरम विवाद पर पुलिस के द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मामले में पुलिस ने बीजेपी पार्षद के बयान भी दर्ज किए हैं। वहीं, नगर निगम के बजट सम्मेलन से जुड़े वीडियो फुटेज भी पुलिस के द्वारा पेन ड्राइव में लिए गए हैं। बताया जा रहा है कि मामले में रुबीना के द्वारा गंगा में अवशेष बह जाना और किसी के बाप में दम है तो वंदे मातरम कहलवा कर बतला दो बयानों पर एफआईआर की जा सकती है।

यदि मामले में रुबीना पर एफआईआर होती है तो बीजेपी के द्वारा पार्षदी निरस्त करने के लिए कोशिश की जाएगी। इस मामले में एमजी रोड पुलिस जांच कर रही है, जिसमें डिजिटल सबूत के अलावा उन लोगों के बयान भी लिए जा रहे है जो कि उस दिन निगम के बजट सम्मेलन में मौजूद थे। वहीं रुबीना खान ने अपना फ़ोन बंद कर लिया है, साथ ही मामले में दूसरी कांग्रेस की पार्षद फोजिया शेख अलीम ने भी अब चुप्पी साध ली है, लेकिन दोनों पार्षदों पर कार्रवाई को लेकर बीजेपी लगातर प्रयास में है। 

सज्जन सिंह वर्मा ने कांग्रेस नेताओं के बयानों पर नाराज़गी जताई

वंदे मातरम विवाद को लेकर पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कांग्रेस नेताओं के बयानों पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि ऐसे शब्दों से पार्टी की छवि देशभर में धूमिल हुई है। उन्होंने साफ कहा कि कुछ नेता खुद को पार्टी से बड़ा समझने लगे हैं और यही वजह है कि इस तरह के बयान सामने आते हैं। पूर्व मंत्री ने कहा कि वंदे मातरम जैसे मुद्दे पर दिए गए बयान से उनका मन आहत है और इसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। उन्होंने नेताओं को नसीहत दी कि जनप्रतिनिधियों को संविधान पढ़ना चाहिए ताकि उन्हें अपने आचरण का अहसास हो सके।

वहीं, प्रयागराज वायरल गर्ल मामले में एफआईआर पर बोलते हुए सज्जन सिंह वर्मा ने "लव जिहाद" के एंगल को बीजेपी का प्रोपेगेंडा बताया और कहा कि गलत करने वालों के लिए कानून मौजूद है। पार्टी नेताओं पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसके लिए कमेटी कार्रवाई करेगी। राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर भी सज्जन सिंह वर्मा ने इशारों-इशारों में अपनी दावेदारी जताई। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में ऐसा प्रतिनिधि होना चाहिए, जिसे सदन की समझ और ज्ञान हो और जो मजबूती से अपनी बात रख सके।