एमपी प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2025 में स्पेशल एजुकेटर विवाद, वैध CRR नंबर अपलोड न कराने पर चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल
विशेष शिक्षा के अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं, जिसके कारण वास्तविक पात्र उम्मीदवारों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
मध्यप्रदेश में प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 मुख्य चयन परीक्षा 2025 को लेकर स्पेशल एजुकेटर पदों पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विशेष शिक्षा के अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं, जिसके कारण वास्तविक पात्र उम्मीदवारों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। इस संबंध में अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की है।

दरअसल, 9 अक्टूबर से 13 अक्टूबर 2025 तक आयोजित प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 मुख्य चयन परीक्षा के तहत स्पेशल एजुकेटर के 3200 पदों पर भर्ती की जानी है। लेकिन अभ्यर्थियों का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान स्पेशल एजुकेटर पद हेतु भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) द्वारा जारी वैध CRR (Central Rehabilitation Register) नंबर अनिवार्य रूप से अपलोड नहीं करवाया गया। यही इस पूरे विवाद की जड़ माना जा रहा है।
अभ्यर्थियों के अनुसार, स्पेशल एजुकेटर बनने के लिए विशेष शिक्षा में दो वर्षीय डिप्लोमा तथा RCI में वैध पंजीयन अनिवार्य है। यह प्रावधान सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और RCI के नियमों के तहत स्पष्ट है। बिना वैध CRR नंबर के कोई भी व्यक्ति विशेष शिक्षक के रूप में कार्य करने के लिए पात्र नहीं माना जाता। इसके बावजूद आवेदन प्रक्रिया में केवल ‘हाँ’ या ‘नहीं’ का विकल्प देकर RCI योग्यता दर्शाने की अनुमति दे दी गई, जिससे सामान्य डीएलएड डिग्रीधारी अभ्यर्थियों ने भी स्पेशल एजुकेशन श्रेणी में आवेदन कर परीक्षा दे दी।


बताया जा रहा है कि स्पेशल एजुकेशन श्रेणी में कुल 14,964 अभ्यर्थियों का परिणाम घोषित किया गया है, जिनमें से अनुमानतः लगभग 85 प्रतिशत अभ्यर्थी सामान्य डीएलएड योग्यता वाले हैं। इससे वास्तविक विशेष डिग्री धारक उम्मीदवारों में भारी रोष है। उनका कहना है कि इस तरह की प्रक्रिया से न केवल पात्र अभ्यर्थियों का हक मारा जा रहा है, बल्कि दिव्यांग बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी।
अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों में दो प्रमुख बिंदु उठाए हैं। पहली मांग यह है कि दस्तावेज सत्यापन से पहले स्पेशल एजुकेशन श्रेणी के सभी अभ्यर्थियों से आवेदन की अंतिम तिथि तक जारी वैध CRR नंबर अनिवार्य रूप से अपलोड करवाया जाए। केवल उन्हीं उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सूची में शामिल किया जाए, जिनके पास RCI द्वारा जारी वैध पंजीयन हो। दूसरी मांग यह है कि स्पेशल एजुकेटर के 3200 पदों के लिए पृथक मेरिट सूची तैयार की जाए और उसी आधार पर पात्र अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जाए।


अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि समय रहते इन विसंगतियों को दूर नहीं किया गया तो भर्ती प्रक्रिया कानूनी विवादों में उलझ सकती है। इससे न केवल चयन प्रक्रिया में देरी होगी, बल्कि दिव्यांग बच्चों के लिए आवश्यक विशेष शिक्षकों की नियुक्ति भी प्रभावित होगी। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और केवल योग्य एवं पंजीकृत विशेष शिक्षकों को ही चयन प्रक्रिया में आगे बढ़ाया जाए।
अब देखना होगा कि सरकार और संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल, स्पेशल एजुकेटर भर्ती को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है और अभ्यर्थी न्यायोचित कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
Varsha Shrivastava 
