Year Ender 2025: खुशियों के बीच हादसों से भी हिल गया मध्य प्रदेश, ये रहीं साल की सबसे चर्चित घटनाएं
आज 31 दिसंबर 2025 है। साल का आखिरी दिन, जब बीते 365 दिन यादों, अनुभवों और सबकों के रूप में हमारे सामने खड़े हैं। साल 2025 सिर्फ एक कैलेंडर ईयर नहीं था, बल्कि मध्य प्रदेश के लिए खुशियों, उपलब्धियों और कुछ बेहद दर्दनाक घटनाओं का मिला-जुला सफर रहा।
भोपाल: आज 31 दिसंबर 2025 है। साल का आखिरी दिन, जब बीते 365 दिन यादों, अनुभवों और सबकों के रूप में हमारे सामने खड़े हैं। साल 2025 सिर्फ एक कैलेंडर ईयर नहीं था, बल्कि मध्य प्रदेश के लिए खुशियों, उपलब्धियों और कुछ बेहद दर्दनाक घटनाओं का मिला-जुला सफर रहा। इस साल कई ऐसी घटनाएं सामने आईं, जिन्होंने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। आइए नजर डालते हैं 2025 में मध्य प्रदेश की उन बड़ी और चर्चित घटनाओं पर, जो पूरे साल सुर्खियों में रहीं—
भोपाल गैस त्रासदी का जहरीला कचरा चर्चा में
साल की शुरुआत में भोपाल गैस त्रासदी से जुड़ा जहरीला कचरा एक बार फिर राष्ट्रीय बहस का विषय बना। कई दशकों से यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में पड़ा खतरनाक रासायनिक कचरा, सरकार की अनुमति के बाद धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित ट्रीटमेंट, स्टोरेज एंड डिस्पोजल फैसिलिटी (TSDF) में भेजा गया।
इस कचरे में कीटनाशक निर्माण में इस्तेमाल हुए जहरीले रसायन और दूषित अवशेष शामिल थे, जिन्हें उच्च तापमान वाले इंसीनरेटर में जलाकर नष्ट किया गया। अब इसके बाद बची राख के सुरक्षित निपटान की प्रक्रिया चल रही है। यह मुद्दा पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों के लिहाज से बेहद संवेदनशील रहा।
गुजरात पटाखा फैक्टरी हादसा: एमपी के 18 मजदूरों की मौत
अप्रैल 2025 को गुजरात के बनासकांठा जिले के डीसा के पास एक अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट ने मध्य प्रदेश को भी गहरे शोक में डुबो दिया। इस हादसे में कुल 21 मजदूरों की मौत हुई, जिनमें से 18 मजदूर मध्यप्रदेश के हरदा और देवास जिले के निवासी थे। विस्फोट इतना भयानक था कि गोदाम की आरसीसी छत पूरी तरह ढह गई। फॉरेंसिक जांच में सामने आया कि अत्यधिक ज्वलनशील एल्यूमीनियम पाउडर की वजह से आग ने भीषण विस्फोट का रूप लिया। यह घटना मजदूर सुरक्षा और अवैध उद्योगों पर सवाल बनकर उभरी।
जहरीला कफ सिरप बना काल, 24 बच्चों की मौत
अक्टूबर 2025 की शुरुआत में मध्य प्रदेश में सामने आया जहरीला कफ सिरप मामला पूरे देश को हिला देने वाला था। ‘कोल्ड्रिफ’ ब्रांड के एलोपैथिक कफ सिरप के सेवन से 24 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। जांच में सामने आया कि सिरप में 48.6 प्रतिशत डाई-एथिलीन ग्लाइकॉल मिला था, जो बेहद खतरनाक रसायन है और किडनी फेल कर सकता है। इस मामले में तमिलनाडु की एक फार्मा कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।
इंदौर एमवाय अस्पताल: NICU में चूहों ने कुतरे नवजात
इंदौर के शासकीय महाराजा यशवंतराव (एमवाय) अस्पताल से सामने आया मामला 2025 की सबसे शर्मनाक घटनाओं में गिना गया। पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के NICU में भर्ती दो नवजात शिशुओं को चूहों ने कुतर दिया, जिनमें से दोनों की मौत हो गई। एक नवजात बच्ची धार जिले की थी, जबकि दूसरा शिशु देवास जिले से संबंधित था। इस घटना ने सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
सतना में HIV संक्रमित रक्त चढ़ाने का मामला
साल के अंत में सतना जिले से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया। जिला अस्पताल में रक्त चढ़ाने के दौरान कथित लापरवाही के कारण थैलेसीमिया से पीड़ित 4 से 6 बच्चे एचआईवी संक्रमित पाए गए। यह मामला तब उजागर हुआ जब दिसंबर 2025 में बच्चों की नियमित जांच कराई गई। जांच के बाद राज्य सरकार ने तीन अधिकारियों को निलंबित करते हुए मामले की जांच के आदेश दिए।
इंदौर में दूषित पानी पीने से मौत
साल के आखिरी दिनों में इंदौर से भी एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया। यहां दूषित पानी पीने से फैली बीमारी से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 150 से ज्यादा लोग बीमार हो गए। इस मामले में प्रदेश की जनस्वास्थ्य से जुड़ी एक बड़ी लापरवाही उजागर हुई है।
2025 का संदेश
साल 2025 मध्य प्रदेश के लिए यह सीख छोड़ गया कि विकास के साथ स्वास्थ्य, सुरक्षा और जवाबदेही उतनी ही जरूरी है। नई उम्मीदों के साथ 2026 की ओर बढ़ते हुए, लोगों की निगाहें बेहतर व्यवस्था और सख्त जवाबदेही पर टिकी हैं।
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