CG News: वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट से 17 मजदूरों की मौत, हादसे में कुल 36 लोग झुलसे

वेदांता प्रबंधन ने मृतक परिजन को 35-35 लाख रुपए सहायता राशि और नौकरी देने का ऐलान किया। घायलों को 15-15 लाख रुपए दिए जाएंगे। इससे पहले PMO ने मुआवजे की घोषणा की थी। PMNRF से हर मृतकों के परिवार वालों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मृतकों के परिवार वालों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया।

CG News: वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट से 17 मजदूरों की मौत, हादसे में कुल 36 लोग झुलसे

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल मंगलवार दोपहर एक भीषण बॉयलर ब्लास्ट हुआ था, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 17 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। मृतकों में कई की पहचान हो चुकी है, जबकि कुछ की पहचान अब भी नहीं हो पाई है, क्योंकि कई शव बुरी तरह जल गए हैं। हादसे के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई।

अस्पतालों में चल रहा इलाज, कई की हालत नाजुक

हादसे में घायल मजदूरों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। रायगढ़ मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल रायगढ़, रायपुर के निजी अस्पतालों और जिंदल अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कई मरीज 90 से 100 प्रतिशत तक झुलसे हुए हैं, जिससे उनकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। जिंदल अस्पताल में भर्ती 10 मरीजों की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है, जबकि अन्य घायलों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है।

मृतकों की पहचान में आ रही दिक्कत

प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतकों की पहचान करना है। कई शव पूरी तरह से जल चुके हैं, जिससे पहचान करना मुश्किल हो गया है। अब तक कुछ मृतकों की पहचान ठंडाराम, पप्पू कुमार, अमृत लाल पटेल और बृजेश कुमार के रूप में हुई है। बाकी मृतकों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। हादसे में घायल और मृतक मजदूर छत्तीसगढ़ के अलावा बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के निवासी बताए जा रहे हैं।

परिजनों का हंगामा, प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप

हादसे के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। उनका आरोप है कि प्लांट प्रबंधन हादसे के बाद सही जानकारी देने में नाकाम रहा और कई मजदूरों के बारे में अब तक कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी गई है। कुछ परिजन अपने लापता परिजनों की तलाश में अस्पतालों और प्लांट के बाहर भटकते नजर आए। उनका कहना है कि समय रहते सुरक्षा इंतजाम किए जाते तो इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी।

मजिस्ट्रियल जांच के आदेश और सख्त कार्रवाई का भरोसा

घटना के बाद जिला कलेक्टर ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि हादसे की हर पहलू से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य के श्रम मंत्री ने भी कहा है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार लोगों पर श्रम कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई होगी।

हादसे के बाद मुआवजे का ऐलान

वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये और एक-एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है, जबकि घायलों को 15-15 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इससे पहले PMO ने मुआवजे की घोषणा की थी।  प्रधानमंत्री राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई है। राज्य सरकार ने भी मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर दुख जताया और कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।