चिता आंदोलन पर तड़के पुलिस की कार्रवाई, अमित भटनागर समेत 300 आंदोलनकारी हिरासत में; 400 करोड़ के भ्रष्टाचार का खुलासा करने का था दावा

केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में चल रहे चिता आंदोलन के 17वें दिन पुलिस ने अमित भटनागर समेत 300 आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया। आंदोलनकारियों ने 400 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार और लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का आरोप लगाया।

चिता आंदोलन पर तड़के पुलिस की कार्रवाई, अमित भटनागर समेत 300 आंदोलनकारी हिरासत में; 400 करोड़ के भ्रष्टाचार का खुलासा करने का था दावा

केन-बेतवा लिंक परियोजना समेत विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं में कथित भ्रष्टाचार और विस्थापितों के अधिकारों की मांग को लेकर चल रहे 'चिता आंदोलन' पर रविवार तड़के पुलिस ने कार्रवाई की। आंदोलनकारियों के अनुसार, सुबह करीब 5 बजे भारी पुलिस बल कुपी गांव के पास बनाला नदी पर निर्माणाधीन पुल के निकट स्थित आंदोलन स्थल पहुंचा और आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर समेत करीब 250 से 300 आंदोलनकारियों को हिरासत में ले लिया।

रविवार को आंदोलन का 17वां दिन, जबकि अमित भटनागर के आमरण अनशन का 14वां दिन था। आंदोलनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने आंदोलन को खत्म करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की।

भ्रष्टाचार के दस्तावेज सार्वजनिक करने वाले थे भटनागर

आंदोलन से जुड़ी विजावर नगर परिषद की पार्षद एवं एलएलबी छात्रा दिव्या अहिरवार ने वीडियो जारी कर दावा किया कि अमित भटनागर रविवार को परियोजनाओं से जुड़े करीब 400 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार से संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने वाले थे। उनका आरोप है कि इसी वजह से प्रशासन ने सुबह-सुबह कार्रवाई कर उन्हें हिरासत में लिया।

दिव्या अहिरवार ने इसे लोकतांत्रिक तरीके से किए जा रहे विरोध को दबाने का प्रयास बताया।

इन परियोजनाओं में भ्रष्टाचार का आरोप

अमित भटनागर का आरोप है कि केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगांव डैम, रुझ सिंचाई परियोजना, नैगुवां सिंचाई परियोजना और एनटीपीसी से जुड़ी परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं।

उनका कहना है कि फर्जी ग्राम सभाओं के आधार पर अपात्र लोगों को मुआवजा दिया गया, जबकि वास्तविक विस्थापितों को उनके अधिकारों से वंचित किया गया। आंदोलनकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं में 400 करोड़ रुपये से अधिक के कथित भ्रष्टाचार और करीब 50 हजार लोगों के प्रभावित होने का मामला है।

मेडिकल जांच के लिए ले जाने का दावा

आंदोलनकारियों का कहना है कि हिरासत में लेने के बाद अमित भटनागर को मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। हालांकि, उन्हें किस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

आंदोलनकारियों ने पन्ना और छतरपुर प्रशासन पर आंदोलन समाप्त कराने के लिए बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है। वहीं, इस मामले में प्रशासन का पक्ष जानने के लिए अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।