इंदौर में एमवाय अस्पताल के पीछे सरकारी जमीन से 30 हजार वर्गफीट अतिक्रमण हटाया, मस्जिद यथावत, वक्फ बोर्ड करेगा कोर्ट का रुख

एमवाय अस्पताल के पीछे चला बुलडोजर:300 फीट की जगह से 30 हजार वर्गफीट तक किया था कब्जा, पुलिस घेराबंदी में टूटी अवैध दीवारें

इंदौर में एमवाय अस्पताल के पीछे सरकारी जमीन से 30 हजार वर्गफीट अतिक्रमण हटाया, मस्जिद यथावत, वक्फ बोर्ड करेगा कोर्ट का रुख

इंदौर में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एमवाय अस्पताल के पीछे स्थित शासकीय जमीन से अवैध अतिक्रमण हटा दिया। यह कार्रवाई रेसिडेंसी क्षेत्र के सीआरपी लाइन इलाके में की गई, जहां नजूल रिकॉर्ड में दर्ज सरकारी भूमि पर वर्षों से अवैध कब्जा होने की शिकायतें मिल रही थीं। प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार तड़के भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया।

300 फीट की जगह से 30 हजार वर्गफीट तक किया था कब्जा

अधिकारियों के अनुसार तहसील के ब्लॉक नंबर 12 (नए सर्वे में ब्लॉक 38) की करीब 0.70 एकड़ जमीन शासकीय भूमि के रूप में दर्ज है। नगर निगम के रिकॉर्ड बताते हैं कि 9 सितंबर 1985 को केवल 300 वर्गफीट निर्माण की अनुमति दी गई थी, लेकिन समय के साथ इसका विस्तार कर लगभग 20 से 30 हजार वर्गफीट क्षेत्र तक कब्जा कर लिया गया। प्रशासन का कहना है कि यह जमीन अस्पताल सेवाओं के विस्तार के लिए आवश्यक है और शासकीय उपयोग में लाई जानी है।

कार्रवाई से पहले प्रशासन ने सात दिन पूर्व बेदखली के आदेश जारी किए थे। मामला हाई कोर्ट तक भी पहुंचा, लेकिन याचिका निरस्त होने के बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नोटिस प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही यह कदम उठाया गया है।

धर्मस्थल के आसपास बनी बाउंड्रीवाल को सबसे पहले हटाया गया

तोड़फोड़ के दौरान धर्मस्थल के आसपास बनी बाउंड्रीवाल को सबसे पहले हटाया गया। इसके बाद जेसीबी मशीनों से मुसाफिरखाने के कुछ हिस्सों में भी कार्रवाई की गई। हालांकि प्रशासन ने मस्जिद को यथावत रखा और रमजान माह को ध्यान में रखते हुए नमाज के लिए बनाए गए दो अस्थायी शेड हटाने के लिए सात दिन की अतिरिक्त मोहलत दी है। मुसाफिरखाने से जुड़े लोगों को भी सामान हटाने के लिए सात दिन का समय दिया गया है।

कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध दर्ज कराया और अधिकारियों से बहस भी हुई, लेकिन भारी पुलिस बल और वज्र वाहन की तैनाती के चलते स्थिति नियंत्रण में रही। किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। मौके पर बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी, नगर निगम का अमला और पुलिस बल मौजूद रहा।

सरकारी जमीन पर कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन पर कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शहरभर में अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि निर्धारित समय-सीमा पूरी होने के बाद शेष अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं इस पूरे मामले में वक्फ बोर्ड के जिला अध्यक्ष का कहना है कि संबंधित जमीन के सभी दस्तावेज उनके पास उपलब्ध हैं। उनका आरोप है कि सक्षम न्यायालय में अपील करने का पर्याप्त समय दिए बिना ही नगर निगम ने कार्रवाई कर दी। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए सक्षम कोर्ट में जाने की सलाह दी थी, लेकिन प्रशासन ने जल्दबाजी में रिमूवल की कार्रवाई कर दी। वक्फ बोर्ड ने एक बार फिर न्यायालय का रुख करने की बात कही है।