Mauganj News : मऊगंज में मौत के मुहाने पर रसोई, होटलों में धधक रही घरेलू गैस की भट्ठियां
Mauganj News : गैस एजेंसियों में प्रतीक्षारत उपभोक्ता, होटल संचालकों को सप्लाई हो रही घरेलू गैस,अवैध रिफिलिंग का भी खुलेआम चल रहा कारोबार
राजेंद्र पयासी @ मऊगंज। मऊगंज में जिला मुख्यालय से लेकर हनुमना नईगढ़ी देवतालाब पहाड़ी खटखरी सहित क्षेत्र में घरेलू गैस के दुरुपयोग का मामला अब सिर्फ कालाबाजारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सीधे तौर पर जन सुरक्षा से खिलवाड़ बन चुका है। जिले के कस्बाई एवं ग्रामीण क्षेत्र में संचालित अधिकांश होटलों, रेस्टोरेंट और छोटे बड़े ढाबों में नियमों को ताक पर रखकर घरेलू लाल सिलेंडर से भट्ठियां खुलेआम जलाई जा रही हैं। इतना ही नहीं, जिले के दो दर्जन से अधिक कस्बाई क्षेत्र में छोटे सिलेंडरों में अवैध रिफिलिंग का खतरनाक कारोबार भी धड़ल्ले से चल रहा है।
जिला मुख्यालय से लेकर तहसील एवं ब्लॉक तथा ग्रामीण हॉट बाजार वाले क्षेत्र में संचालित होटलों का नजारा आम है। जहां दिनदहाड़े घरेलू लाल सिलेंडर लगाकर बड़े भट्ठे पर खुलेआम उपयोग किया जा रहा है। नियमानुसार व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए 19 किलो वाला नीला कमर्शियल सिलेंडर अनिवार्य है, लेकिन महंगे दाम से बचने के लिए होटल संचालक गैस एजेंसी संचालकों के सहयोग से 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं।

सबसे चिंताजनक पहलू अवैध रिफिलिंग है। सूत्रों के मुताबिक कुछ जगह घरेलू सिलेंडर से छोटी गैस टंकियों और 5 किलो के सिलेंडरों में गैस भरते हैं। यह रिफिलिंग बिना किसी सुरक्षा मानक, बिना वजन मशीन और बंद कमरों में की जाती है। एक मामूली लीक या चिंगारी पूरे मोहल्ले को आग के गोले में बदल सकती है।
जांच एवं कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति
जिले के अधिकतर होटलों में खुलेआम घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग हो रहा है। यहां सवाल यह है कि जांच कहां हो रही है? नगर में खाद्य विभाग द्वारा होटलों में खाने की गुणवत्ता, साफ-सफाई और लाइसेंस की जांच तो कभी कभार की जाती है, लेकिन इन होटलों की रसोई में जल रहे गैस सिलेंडर की जांच करने की सुध कोई नहीं ले रहा। खाद्य विभाग, आपूर्ति विभाग और अग्निशमन विभाग के बीच समन्वय के अभाव का सीधा फायदा इन होटल संचालकों को मिल रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि घरेलू उपभोक्ता को सिलेंडर के लिए एजेंसी के चक्कर काटने पड़ते हैं, वहीं होटल संचालकों को फोन पर ही 2 से 3 घरेलू सिलेंडर आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। इससे साफ जाहिर है कि एजेंसी से लेकर होटल तक एक सांठगांठ चल रही है। कई होटल संचालक तो बकायदा दूसरे उपभोक्ताओं की कॉपियां एजेंसी में लगाकर सिलेंडर उठा रहे हैं।

नियम स्पष्ट है। एलपीजी आपूर्ति और वितरण विनियमन के तहत घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग और अवैध रिफिलिंग दोनों ही अपराध हैं।
समाजसेवियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जिला आपूर्ति अधिकारी और अग्निशमन अधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से इलाके के होटलों, ढाबों और रिफिलिंग के संदिग्ध ठिकानों पर औचक छापेमारी की जाय। होटलों की रसोई में लगे सिलेंडरों की जांच कर नियम अनुसार सीज करने की कार्यवाही की जाए, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिले और क्षेत्र किसी बड़े हादसे से बच सके। इस विषय को लेकर खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित तिवारी एवं प्रभारी जिला खाद्य अधिकारी अनिल गुप्ता से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन दोनों ही अधिकारियों के फोन रिसीव नहीं हुए।


