Rahul Gandhi का इंदौर दौरा अब 19 सितंबर को, नेहरू स्टेडियम नहीं मिला तो वैकल्पिक स्थल पर होगा कार्यक्रम
Rahul Gandhi Indore Visit : पार्टी का कहना है कि किसी भी स्थिति में कार्यक्रम रद्द नहीं किया जाएगा। अनुमति नहीं मिलने पर तय वैकल्पिक स्थानों में से किसी एक जगह कार्यक्रम कराया जाएगा।
Rahul Gandhi Indore Visit : इंदौर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी का इंदौर दौरा अब 19 सितंबर को होगा। पहले उनका ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम 12 सितंबर को प्रस्तावित था। कांग्रेस ने कार्यक्रम की नई तारीख का ऐलान कर दिया है। पार्टी के मुताबिक, कार्यक्रम के लिए पहली प्राथमिकता नेहरू स्टेडियम ही रहेगा। अगर प्रशासन से वहां कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलती है, तो शहर में किसी दूसरे स्थान पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कांग्रेस ने साफ किया है कि कार्यक्रम इंदौर में ही होगा।
तीन वैकल्पिक स्थानों की सूची प्रशासन को दी
कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस नेताओं की बैठक में तैयारियों पर चर्चा हुई। नेताओं ने बताया कि नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम के लिए प्रशासन से दोबारा अनुमति मांगी जाएगी। इसके साथ ही तीन वैकल्पिक स्थानों की सूची भी जिला प्रशासन को सौंपी गई है। पार्टी का कहना है कि किसी भी स्थिति में कार्यक्रम रद्द नहीं किया जाएगा। अनुमति नहीं मिलने पर तय वैकल्पिक स्थानों में से किसी एक जगह कार्यक्रम कराया जाएगा।

छात्रों से संवाद करेंगे राहुल गांधी
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के मुताबिक, राहुल गांधी कार्यक्रम में छात्रों से सीधे संवाद करेंगे। इस दौरान छात्रों के भविष्य, शिक्षा और उनके सामने आने वाली समस्याओं पर चर्चा होगी।
कांग्रेस का कहना है कि छात्रों से बातचीत के दौरान सामने आने वाले मुद्दों को संसद में उठाने का प्रयास किया जाएगा। पार्टी इसे छात्रों से जुड़े विषयों को राष्ट्रीय स्तर पर रखने के कार्यक्रम के तौर पर देख रही है।

BJP कार्यालय के घेराव के लिए निकले कार्यकर्ता
बैठक के बाद बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता BJP कार्यालय का घेराव करने के लिए रवाना हुए। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को भंवरकुआं चौराहे पर रोक दिया।

इसके बाद कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। पुलिस बल की तैनाती के बीच काफी देर तक कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की।

सड़क पर मनुस्मृति की प्रतियां जलाईं
प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से मनुस्मृति की प्रतियां जलाकर विरोध जताया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और RSS प्रमुख मोहन भागवत के खिलाफ भी नारेबाजी की गई। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और RSS से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया और स्थिति पर नजर बनाए रखी।

पुलिस ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था
प्रदर्शन को देखते हुए भंवरकुआं चौराहे और आसपास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को आगे जाने से रोका। एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल के नेतृत्व में पुलिस ने मौके की स्थिति पर नजर रखी। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।

एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल

