सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, विजयपुर से विधायक बने रहेंगे कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा

सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा को बड़ी राहत, MP हाईकोर्ट का फैसला खारिज

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, विजयपुर से विधायक बने रहेंगे कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा

मध्य प्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट से जुड़े बहुचर्चित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें उनके चुनाव को शून्य घोषित कर दिया गया था और भाजपा नेता रामनिवास रावत को विजेता माना गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय आने तक मुकेश मल्होत्रा को विधायक बने रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट में मुकेश मल्होत्रा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा ने पैरवी की। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अगली सुनवाई के लिए 23 जुलाई की तारीख तय की है, तब तक यह अंतरिम व्यवस्था लागू रहेगी।

कोर्ट ने राहत देने के साथ सख्त शर्तें भी लगाई

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की डबल बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत ने एमपी हाईकोर्ट के आदेश को फिलहाल प्रभावहीन कर दिया है, जिससे विधायक पद पर बने रहने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि मामला अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है।

सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने के साथ दो सख्त शर्तें भी लगाई हैं। पहली शर्त है वोटिंग राइट नहीं, इसके तहत मुकेश मल्होत्रा को राज्यसभा चुनाव में मतदान करने की अनुमति नहीं होगी। दूसरी शर्त है वेतन पर रोक यानी जब तक अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक उन्हें विधायक के रूप में वेतन और भत्ते भी नहीं मिलेंगे। यह व्यवस्था अंतरिम रूप से लागू रहेगी।

मुकेश मल्होत्रा की ओर से विवेक तंखा ने पैरवी की

यह विवाद तब शुरू हुआ जब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने यह माना कि चुनाव के दौरान कुछ महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई गई थी। इसके आधार पर कोर्ट ने चुनाव को शून्य घोषित कर दिया और सीट को रामनिवास रावत के पक्ष में मान लिया। इस फैसले के खिलाफ मुकेश मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मुकेश मल्होत्रा के पास सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए 15 दिन का समय था।