चक्की हादसे में 19 वर्षीय युवक की मौत, परिजनों ने शव रखकर लगाया जाम 

रीवा के अतरैला क्षेत्र में तेल चक्की हादसे में घायल 19 वर्षीय अनूप वर्मा की इलाज के दौरान मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने सड़क जाम कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

चक्की हादसे में 19 वर्षीय युवक की मौत, परिजनों ने शव रखकर लगाया जाम 

रीवा जिले के अतरैला थाना क्षेत्र के भनिगवा (बरहठा) निवासी 19 वर्षीय अनूप वर्मा (पिता: अशोक कुमार वर्मा) की तेल चक्की में हाथ फंसने की दुर्घटना के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से आक्रोशित परिजनों ने 17 अप्रैल 2026 को अतरैला चौराहे पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया और दोषी चक्की संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

पूरे घटना का विवरण..
दिनांक 8 अप्रैल 2026 को अनूप वर्मा सरसों तेल पेरवाने लूक गांव स्थित एक तेल मिल (चक्की) में गया था। काम के दौरान अचानक उसका हाथ मशीन में फंस गया, जिससे हाथ कट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने तुरंत उसे संजय गांधी अस्पताल, रीवा में भर्ती कराया। हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उसे जबलपुर रेफर कर दिया। जबलपुर में लगातार इलाज चलने के बावजूद युवक की हालत नहीं सुधरी और 17 अप्रैल 2026 को उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई और गुस्सा फूट पड़ा।

परिजनों का आक्रोश..
परिजन शव लेकर अतरैला बाजार पहुंचे और चौराहे पर रखकर जाम लगा दिया। उन्होंने चक्की संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि मशीन में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम (गार्ड, कवर आदि) नहीं थे, जिसके कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की।

प्रशासन की प्रतिक्रिया..
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर जवा तहसीलदार जितेंद्र तिवारी, नायब तहसीलदार निवेदिता त्रिपाठी एवं अतरैला थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाइश दी और आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ शीघ्र कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के आश्वासन पर परिजन शांत हुए, जाम हटा लिया गया और शव को आगे की प्रक्रिया के लिए ले जाया गया। इससे यातायात व्यवस्था सामान्य हो गई।

स्थानीय प्रतिक्रिया..
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर औद्योगिक/कार्यस्थलों (विशेषकर छोटी चक्कियों) पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर किया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त नियम लागू किए जाएं और दोषी संचालकों पर कड़ी कार्रवाई हो।