CM मोहन यादव अब इलेक्ट्रिक कार से करेंगे सफर, काफिले में शामिल हुई Mahindra XEV 9e
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने काफिले में Mahindra XEV 9e इलेक्ट्रिक कार शामिल की है। PM मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद यह कदम उठाया गया। कार का नंबर MP 02 VB 2047 रखा गया है।
भोपाल: पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़ी और अनुकरणीय पहल की है। मुख्यमंत्री अब अपने वीआईपी काफिले में पेट्रोल-डीजल गाड़ियों के बजाय हाईटेक इलेक्ट्रिक कार (EV) से सफर करेंगे। बुधवार को सीएम डॉ. मोहन यादव इस नई इलेक्ट्रिक कार में सवार होकर भोपाल एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया।
मुख्यमंत्री की इस पहल का मुख्य उद्देश्य देश और प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और ग्रीन एनर्जी (हरित ऊर्जा) को बढ़ावा देना है।
काफिले में शामिल हुई महिंद्रा की नई 'XEV 9e'..
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के काफिले के लिए भारतीय वाहन निर्माता कंपनी महिंद्रा (Mahindra) की हाल ही में लॉन्च हुई अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक कार XEV 9e खरीदी गई है। यह कार अपनी शानदार रेंज, सुरक्षा फीचर्स और आधुनिक तकनीक के लिए जानी जाती है। मुख्यमंत्री ने स्वयं इस कार को अपने आधिकारिक सफर के लिए चुना है, जिससे यह संदेश साफ जाता है कि सरकार अब पूरी तरह से ई-वाहनों और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को अपनाने के लिए गंभीर है।
गाड़ी के नंबर में छिपा है खास संदेश: 'विकसित भारत 2047'..
मुख्यमंत्री की इस नई चमचमाती इलेक्ट्रिक कार से भी ज्यादा चर्चा इसके खास और यूनीक रजिस्ट्रेशन नंबर की हो रही है। मुख्यमंत्री की गाड़ी का नंबर MP 02 VB 2047 है। इस नंबर प्लेट का हर एक शब्द देश के भविष्य और संकल्प से जुड़ा हुआ है
'VB' का मतलब विकसित भारत..
गाड़ी के नंबर में शामिल 'VB' अक्षर सीधे तौर पर 'विकसित भारत' (Viksit Bharat) के राष्ट्रीय अभियान को समर्पित हैं।

'2047' का संकल्प..
नंबर के आखिर में मौजूद '2047' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस महा-संकल्प को दर्शाता है, जिसके तहत आजादी के 100 साल पूरे होने पर यानी वर्ष 2047 तक भारत को दुनिया का एक पूर्ण विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस विशेष नंबर प्लेट के जरिए मध्य प्रदेश सरकार ने एक ही समय में पर्यावरण संरक्षण, तकनीकी प्रगति और 'विकसित भारत' के विराट राष्ट्रीय विजन का संदेश देने की अनूठी कोशिश की है।
पीएम मोदी की अपील पर मुख्यमंत्री का 'एक्शन'..
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक मंचों से लेकर देश के भीतर कई बार सार्वजनिक रूप से कार्बन उत्सर्जन को कम करने और पारंपरिक ईंधन (पेट्रोल-डीजल) पर निर्भरता घटाने की वकालत की है। पीएम की इसी अपील को आत्मसात करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने काफिले के मुख्य वाहन को ही इलेक्ट्रिक मोड पर शिफ्ट कर दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब सूबे का मुखिया खुद इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग करना शुरू करता है, तो इसका असर प्रशासनिक अधिकारियों, कॉरपोरेट्स और आम जनता पर भी पड़ता है। इससे प्रदेश में ईवी (EV) इंफ्रास्ट्रक्चर और चार्जिंग स्टेशंस के निर्माण कार्यों को भी गति मिलेगी।

पर्यावरण और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम..
भोपाल एयरपोर्ट रवाना होने के दौरान मुख्यमंत्री की इस नई गाड़ी ने पूरे प्रशासनिक अमले और मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के सूत्रों के मुताबिक, आगामी दिनों में सरकारी विभागों में भी इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को अनिवार्य या प्राथमिकता पर लाने की योजना है। सीएम डॉ. मोहन यादव की यह पहल न केवल मध्य प्रदेश को देश में एक 'ग्रीन स्टेट' के रूप में स्थापित करेगी, बल्कि यह 'विकसित भारत 2047' के सपने को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगी।

