अयोध्या: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय नजरबंद, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सियासत तेज

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी: SIT ने जांच तेज की, चंपत राय से 3 घंटे पूछताछ, 17 साल बाद RMO का ट्रांसफर 

अयोध्या: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय नजरबंद, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सियासत तेज

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान उनसे यह जानने की कोशिश की गई कि उन्हें चढ़ावा चोरी की जानकारी पहली बार कब मिली, इसकी सूचना मिलने के बाद उन्होंने क्या कदम उठाए और ट्रस्ट स्तर पर इस मामले में क्या कार्रवाई की गई। हालांकि, अभी तक किसी भी जांच एजेंसी ने चंपत राय के खिलाफ किसी अपराध की पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को पुलिस ने रोका

वहीं, इस मामले को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय सोमवार देर रात अयोध्या पहुंचे थे। उन्होंने मंगलवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यालय का घेराव करने और चढ़ावा चोरी के विरोध में प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें एक होटल से अपने कब्जे में लेकर कृषि विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस पहुंचा दिया। कांग्रेस ने इसे नजरबंदी बताया है, जबकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस पर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

अजय राय की पत्नी रीना राय ने वाराणसी से एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि सरकार उनके पति की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि उनके पति को कोई नुकसान पहुंचता है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। कांग्रेस ने भी इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है।

17 साल से तैनात RMO का तबादला

इसी बीच राम मंदिर परिसर में 17 वर्षों से तैनात रेडियो ऑपरेशन अधिकारी (RMO) अर्जुन देव का तबादला गोरखपुर कर दिया गया है। वह मंदिर परिसर में लगे लगभग 1600 सीसीटीवी कैमरों और चढ़ावे की गिनती वाले काउंटिंग रूम की निगरानी व्यवस्था संभाल रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने अपनी जांच में उनकी लंबे समय से अयोध्या में तैनाती और ट्रस्ट के कार्यों में कथित भूमिका को भी जांच के दायरे में रखा है। बताया जा रहा है कि उनके कई पूर्व तबादला आदेश भी विभिन्न कारणों से रद्द हो चुके थे।

आठ आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एसआईटी का गठन किया। 25 जून को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अदालत ने सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी है।

इसी दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, इस इस्तीफे के कारणों को लेकर ट्रस्ट की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी से जल्द अंतिम रिपोर्ट सौंपने को कहा है। फिलहाल यह मामला जांच के चरण में है और जांच एजेंसियां सभी तथ्यों की पड़ताल कर रही हैं। ऐसे में किसी भी व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी अथवा दोष तय होना जांच रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।