MP के CM डॉ. मोहन यादव का ऐलान: अब हफ्ते में 6 दिन होगी गेहूं खरीदी, स्लॉट बुकिंग 9 मई तक बढ़ी
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के कल्याण के लिए बड़ी घोषणा की। जिसमें हफ्ते में 6 दिन गेहूं खरीदी, लक्ष्य में वृद्धि और स्लॉट बुकिंग की तारीख 9 मई तक बढ़ाना शामिल है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत देते हुए गेहूं उपार्जन को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। शुक्रवार को किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है और इस वर्ष को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में समर्पित किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए खरीदी व्यवस्था को और अधिक सरल और प्रभावी बनाया जा रहा है।
गेहूं खरीदी अब हफ्ते में 6 दिन
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब प्रदेश में गेहूं की खरीदी सप्ताह में 6 दिन की जाएगी। पहले जहां खरीदी सीमित दिनों में होती थी, वहीं अब शनिवार को भी उपार्जन केंद्र खुले रहेंगे। इस फैसले से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अधिक समय मिलेगा और केंद्रों पर भीड़ कम होगी। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी किसान अपनी फसल बेचने से वंचित न रहे।

खरीदी लक्ष्य में बड़ा इजाफा
राज्य सरकार ने गेहूं खरीदी के लक्ष्य को 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल रिकॉर्ड उत्पादन को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि छोटे, मध्यम और बड़े सभी किसानों को अपनी पूरी उपज बेचने का अवसर मिल सके। यह कदम किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ी
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख को 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई कर दिया है। अब प्रदेश के सभी किसान आसानी से अपनी उपज बेचने के लिए स्लॉट बुक कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था पूरी तरह खुली रखी गई है, ताकि किसी भी किसान को परेशानी का सामना न करना पड़े।

किसानों को 4 गुना मुआवजा
मुख्यमंत्री ने भू-अर्जन को लेकर भी बड़ा फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि अब किसानों को उनकी जमीन के बदले 4 गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। यह निर्णय किसानों के हितों की रक्षा करने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
दलहन फसलों को बढ़ावा और बोनस
सरकार दलहन और तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उड़द की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जाएगी और इस पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जाएगा। इससे किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

कृषि में आत्मनिर्भरता की ओर कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सस्ती और सुलभ बिजली उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। केवल 5 रुपए में कृषि पंप कनेक्शन दिए जा रहे हैं और दिन में सिंचाई के लिए बिजली देने की योजना पर काम हो रहा है। इसके अलावा ‘कृषक मित्र योजना’ के तहत 90 प्रतिशत सब्सिडी पर सोलर पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे किसान ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बन सकें।
दूध उत्पादन और उर्वरक उपलब्धता पर जोर
प्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने की दिशा में भी सरकार तेजी से काम कर रही है। इसके तहत हजारों नई दुग्ध समितियों का गठन किया गया है और दूध उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साथ ही किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त भंडारण किया गया है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।

विपक्ष ने उठाए सवाल
मुख्यमंत्री के इन ऐलानों पर विपक्ष ने सवाल भी खड़े किए हैं। कांग्रेस नेताओं ने इसे “घोषणाओं का पुलिंदा” बताते हुए खरीदी व्यवस्था और किसानों की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देने की मांग की है। हालांकि, सरकार का दावा है कि ये सभी फैसले किसानों के हित में हैं और इससे प्रदेश के किसानों की स्थिति में सुधार होगा।
Varsha Shrivastava 
