न्याय के लिए थाने में गिड़गिड़ाया फरियादी, पुलिस के पैरों में गिर गया
गुना के आरोन थाने में फरियादी की गुहार का वीडियो वायरल, न्याय के लिए पुलिस के पैर छुए-गिड़गिड़ाया, SI बोले VIDEO मत बनाओ, प्रेस की स्वतंत्रता पर सवाल
गुना (आरोन) से गौरव शर्मा की रिपोर्ट।
आरोन थाने से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक फरियादी थाने में शिकायत लेकर पहुंचा, लेकिन आरोप है कि उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई। न्याय की आस में थाने आया पीड़ित अंत में पुलिसकर्मियों के पैर छू-छूकर गुहार लगाता रहा - "साहब मेरी सुन लो" लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी।
वर्दी का रौब, फरियादी लाचार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गरीब व्यक्ति काफी देर तक थाने में न्याय के लिए भटकता रहा। जब उसकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया तो वह मजबूर होकर पुलिस के पैर पकड़ने लगा। यह दृश्य देखकर थाने में मौजूद लोगों की भी आंखें नम हो गईं, लेकिन पुलिस का दिल नहीं पसीजा।
सच कैमरे में कैद हुआ तो SI को आपत्ति
इसी दौरान वहां मौजूद एक पत्रकार ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। आरोप है कि जैसे ही थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर पंकज कुशवाह की नजर कैमरे पर पड़ी, उन्होंने पत्रकार को धमकाते हुए कहा - "वीडियो मत बना"
अब सवाल उठता है कि जब थाने में कुछ गलत नहीं हो रहा था, तो वीडियो बनाने से क्यों रोका गया? क्या सच को छिपाने की कोशिश की जा रही थी?
प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला
एक लोकतांत्रिक देश में पत्रकार को सच दिखाने से रोकना प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। थाने जैसे सार्वजनिक स्थल पर अगर पुलिस मनमानी करेगी और पत्रकार को वीडियो बनाने से रोकेगी तो आम जनता की आवाज कौन उठाएगा?
इस घटना के बाद लोगों में पुलिस के प्रति भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर गरीबों को थाने में पैर छूकर भी न्याय नहीं मिलना है तो उन्हें कहां जाना चाहिए।
Varsha Shrivastava 
