नए सर्वे में PK ने बढ़ाई BJP की टेंशन? जानिए क्या कहते हैं आंकड़े

बांकीपुर उपचुनाव को लेकर नया सर्वे सामने आया है. क्या प्रशांत किशोर ने बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं? जानिए सर्वे में क्या दावा किया गया है और कितना बदल सकता है चुनावी मुकाबला.

नए सर्वे में PK ने बढ़ाई BJP की टेंशन? जानिए क्या कहते हैं आंकड़े

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट का उपचुनाव अब सिर्फ एक सीट की लड़ाई नहीं रह गया है. चुनाव खत्म होने के बाद सामने आए नए सर्वे और एग्जिट पोल ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है. कुछ सर्वे में दावा किया गया है कि जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) इस बार बीजेपी को कड़ी टक्कर देते नजर आ रहे हैं. हालांकि आखिरी फैसला मतगणना के दिन ही होगा.

आखिर सर्वे में क्या कहा गया है?

ताजा सर्वे के मुताबिक बांकीपुर में मुकाबला पहले के मुकाबले ज्यादा करीबी हो गया है. जहां बीजेपी अपनी परंपरागत सीट बचाने की कोशिश में है, वहीं प्रशांत किशोर ने चुनाव को दिलचस्प बना दिया है. कुछ सर्वे यह भी बता रहे हैं कि युवाओं और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं का रुझान PK की ओर दिखाई दे रहा है.

हालांकि हर सर्वे का दावा अलग है. इसलिए इन आंकड़ों को अंतिम नतीजा नहीं माना जा सकता.

PK ने कैसे बदल दिया चुनाव का माहौल?

इस बार प्रशांत किशोर ने चुनाव प्रचार के दौरान सड़क, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय समस्याओं को बड़ा मुद्दा बनाया. उन्होंने सीधे लोगों के बीच जाकर प्रचार किया और खुद को पारंपरिक राजनीति से अलग बताने की कोशिश की.

यही वजह है कि जिस सीट को पहले बीजेपी के लिए आसान माना जा रहा था, वहां अब मुकाबला काफी रोचक नजर आ रहा है.

BJP के सामने क्या चुनौती है?

बांकीपुर लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है. लेकिन अगर सर्वे सही साबित होते हैं, तो पार्टी को अपनी पारंपरिक बढ़त बनाए रखने के लिए आखिरी समय तक पूरी ताकत लगानी पड़ सकती है.

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर बीजेपी का पारंपरिक वोट पूरी तरह उसके साथ रहा, तो पार्टी को फायदा मिल सकता है. वहीं अगर वोटों का बंटवारा हुआ, तो मुकाबला और भी कांटे का हो सकता है.

क्या सर्वे पर भरोसा किया जा सकता है?

एग्जिट पोल और सर्वे सिर्फ अनुमान होते हैं. कई बार ये बिल्कुल सही साबित होते हैं, तो कई बार नतीजे पूरी तरह अलग निकलते हैं. इसलिए इन्हें अंतिम परिणाम नहीं माना जा सकता. असली तस्वीर मतगणना के बाद ही साफ होगी.

फिलहाल इतना जरूर है कि बांकीपुर उपचुनाव ने बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है. अब सबकी नजर सिर्फ इस बात पर है कि वोटों की गिनती वाले दिन जनता किसके पक्ष में फैसला सुनाती है.