डिफर्ड वेजज और योजनाओं का भुगतान अटका, हलाली डैम के सैकड़ों मछुआरों ने मत्स्य महासंघ कार्यालय घेरा

डिफर्ड वेजज नहीं मिलने से भड़के मछुआरे, मत्स्य महासंघ कार्यालय का घेराव, हलाली डैम के सैकड़ों मछुआरों ने किया प्रदर्शन, 10 तारीख तक भुगतान का आश्वासन  

डिफर्ड वेजज और योजनाओं का भुगतान अटका, हलाली डैम के सैकड़ों मछुआरों ने मत्स्य महासंघ कार्यालय घेरा

भोपाल। हलाली डैम से जुड़ी मछुआरा समितियों के सैकड़ों सदस्यों ने लंबित भुगतान की मांग को लेकर गुरुवार को मध्यप्रदेश मत्स्य महासंघ के संचालक कार्यालय में प्रदर्शन किया। डिफर्ड वेजज समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं की राशि समय पर नहीं मिलने से नाराज मछुआरों ने कार्यालय का घेराव किया और सीजीएम रवि गजविए को ज्ञापन सौंपकर जल्द भुगतान कराने की मांग की।

कई योजनाओं की राशि महीनों से लंबित

मछुआरों के अनुसार हर साल 10 जुलाई को मिलने वाला डिफर्ड वेजज इस बार अब तक उनके खातों में नहीं पहुंचा है। इसके अलावा 80-20 नाव-जाल योजना, मीनाक्षी विवाह योजना, मृत्यु सहायता और प्रोत्साहन योजना की राशि भी लंबे समय से लंबित है। मछुआरों का कहना है कि भुगतान अटकने से उनके परिवार आर्थिक परेशानी से गुजर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि राशि प्राप्त करने के लिए उन्हें बार-बार क्षेत्रीय प्रबंधक के कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कभी बजट की कमी, कभी पासबुक में एंट्री और कभी दस्तावेज पूरे नहीं होने का हवाला देकर भुगतान टाला जा रहा है। मछुआरों ने कहा कि बच्चों की स्कूल फीस, घरेलू खर्च, बैंक की किस्त और इलाज जैसी जरूरतों के लिए भी उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

क्षेत्रीय प्रबंधक पर लगाए गंभीर आरोप

मछुआरों ने क्षेत्रीय प्रबंधक बीरेन्द्र चौहान पर भुगतान के बदले पैसे मांगने के गंभीर आरोप भी लगाए। उनका दावा है कि उनसे कथित तौर पर कहा गया कि पैसे देने पर ही राशि जारी होगी। मछुआरों ने इन आरोपों की लिखित शिकायत प्रबंध संचालक से करते हुए जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मछुआरों ने ज्ञापन में यह भी बताया कि हलाली डैम की समितियों को पहले उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया जा चुका है। उनका कहना है कि इसके बावजूद उन्हें अपनी वैध राशि के लिए परेशान होना पड़ रहा है।

10 अगस्त तक भुगतान का दिया भरोसा

ज्ञापन लेने के बाद सीजीएम रवि गजविए ने मछुआरों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और लापरवाही सामने आने पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने 10 अगस्त तक सभी मछुआरों के खातों में लंबित राशि पहुंचाने का भरोसा भी दिया। वहीं, मछुआरों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 10 अगस्त तक लंबित राशि खातों में नहीं पहुंची तो वे मुख्यमंत्री, मत्स्य पालन मंत्री और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करेंगे। साथ ही आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाने की चेतावनी दी है।