Mauganj में एसपी-कलेक्टर ऑफिस के सामने से पुलिस गाड़ियों की बैटरियां चोरी, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
मऊगंज में एसपी और कलेक्टर कार्यालय के सामने खड़ी पुलिस की दो सरकारी गाड़ियों की बैटरियां चोरी हो गईं. घटना के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और रात्रि गश्त पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
राजेंद्र पयासी
मऊगंज. जिले के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले प्रशासनिक परिसर में चोरों ने ऐसी वारदात को अंजाम दिया है, जिसने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एसपी और कलेक्टर कार्यालय के सामने खड़ी सरकारी पुलिस गाड़ियों से बैटरियां चोरी होने की घटना सामने आई है. इस मामले के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया.
जानकारी के अनुसार, जिस परिसर में नीचे कलेक्ट्रेट और ऊपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय संचालित होता है, वहां सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, रात्रि गश्त और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती का दावा किया जाता है. इसके बावजूद चोरों ने दो पुलिस मिनी ट्रकों की बैटरियां निकाल लीं. वहीं तीसरे वाहन की बैटरी चोरी करने का भी प्रयास किया गया, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिल सकी.
सुबह जब पुलिसकर्मी ड्यूटी पर पहुंचे तो वाहनों की बैटरियां गायब मिलीं. घटना की जानकारी मिलते ही अधिकारियों ने तत्काल एक वाहन में नई बैटरी लगवाई, जबकि दूसरे वाहन को धक्का देकर स्टार्ट किया गया और बिना बैटरी के कंट्रोल रूम के सामने खड़ा कर दिया गया.
इस घटना के बाद कई सवाल उठ रहे हैं. यदि परिसर में चौबीसों घंटे निगरानी की व्यवस्था है तो चोर वहां तक पहुंचे कैसे. यदि सीसीटीवी कैमरे सक्रिय थे तो फुटेज में संदिग्ध क्यों नहीं दिखाई दिए. रात्रि गश्त के दौरान किसी को इस गतिविधि की भनक क्यों नहीं लगी.
सूत्रों के अनुसार, एसपी कार्यालय के एक कर्मचारी ने मऊगंज थाने में लिखित शिकायत दी है. हालांकि खबर लिखे जाने तक एफआईआर दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी. इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि जब आम लोगों की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की बात कही जाती है तो सरकारी मामले में प्रक्रिया धीमी क्यों दिखाई दे रही है.
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है. उनका कहना है कि जब एसपी और कलेक्टर कार्यालय के सामने खड़ी पुलिस की गाड़ियां ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक अपने घर, दुकान और वाहनों की सुरक्षा को लेकर कैसे भरोसा करें. लोगों का मानना है कि यह केवल बैटरी चोरी की घटना नहीं, बल्कि जिले की कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है.
इस मामले में मऊगंज थाना प्रभारी निरीक्षक राम सिंह ने दूरभाष पर बताया कि उन्हें भी सोशल मीडिया के माध्यम से घटना की जानकारी मिली. उन्होंने कहा कि कैमरों की जांच के लिए कर्मचारी भेजे गए थे, जिन्होंने बताया कि कैमरों का फोकस संबंधित वाहनों तक नहीं पहुंच रहा था. थाना प्रभारी ने यह भी कहा कि कितने पुलिस वाहनों से बैटरियां चोरी हुई हैं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही की जा सकेगी.
Anubhav Dubey 
