शिक्षक दिवस पर MP का गौरव : राष्ट्रपति मुर्मू देंगी डॉ. अर्चना शुक्ला समेत 48 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार
Teacher’s Day: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 5 सितंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में इन 48 स्कूली शिक्षकों को सम्मानित करेंगी। मध्य प्रदेश के लिए यह सम्मान इसलिए भी खास है क्योंकि इस बार प्रदेश के दो सरकारी शिक्षकों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।
Teacher’s Day 2026 : शिक्षक दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश के लिए गौरव का दिन है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में देशभर के 48 स्कूली शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित करेंगी। खास बात यह है कि इन पुरस्कार विजेताओं में मध्य प्रदेश के दो शिक्षक भोपाल की डॉ. अर्चना शुक्ला और सीधी के शैलेंद्र प्रताप सिंह शामिल हैं।

भोपाल की डॉ. अर्चना शुक्ला का नाम भी शामिल
मध्य प्रदेश से चुनी गईं डॉ. अर्चना शुक्ला भोपाल के शासकीय महात्मा गांधी सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, भेल में शिक्षिका हैं। शिक्षा को सिर्फ किताबों और पारंपरिक क्लासरूम तक सीमित न रखते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को सीखने के लिए नए और प्रयोगात्मक तरीकों से जोड़ा।
अर्चना शुक्ला ने Project-Based Learning (PBL) जैसे तरीकों के जरिए बच्चों को विषयों को प्रोजेक्ट और मॉडल के माध्यम से समझने का अवसर दिया। उनके विद्यार्थियों ने अपने बनाए मॉडल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रस्तुत किया है। उनके इसी नवाचार और विद्यार्थियों के सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने वाले प्रयासों के लिए उन्हें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है।

MP से दो शिक्षकों को मिला राष्ट्रीय सम्मान
इस साल राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए देशभर से 48 स्कूली शिक्षकों का चयन हुआ है। इनमें मध्य प्रदेश से डॉ. अर्चना शुक्ला के साथ सीधी जिले के शैलेंद्र प्रताप सिंह भी शामिल हैं। शैलेंद्र प्रताप सिंह शासकीय माध्यमिक विद्यालय कंजवार, सीधी में शिक्षक हैं। यानी शिक्षक दिवस 2026 पर राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मान में मध्य प्रदेश की दो तस्वीरें दिखाई देंगी एक भोपाल से और दूसरी सीधी से।

तीन चरणों में हुआ चयन
शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन प्रक्रिया ऑनलाइन नामांकन से शुरू हुई। योग्य शिक्षकों से 15 जून से 20 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन और नामांकन आमंत्रित किए गए थे। इसके बाद चयन प्रक्रिया जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ी।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार का उद्देश्य ऐसे शिक्षकों के योगदान को सामने लाना है, जिन्होंने अपनी मेहनत, प्रतिबद्धता और नवाचार के जरिए स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ विद्यार्थियों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है।
Anjali 
