मध्यप्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र कल,महिला आरक्षण पर गरमाएगी सियासत

मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में 27 अप्रैल को महिला आरक्षण और महिला सशक्तिकरण पर चर्चा होगी। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल इस मुद्दे पर आमने-सामने नजर आएंगे।

मध्यप्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र कल,महिला आरक्षण पर गरमाएगी सियासत

भोपाल:मध्य प्रदेश विधानसभा के 27 अप्रैल को प्रस्तावित विशेष सत्र में महिला आरक्षण और महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण पर चर्चा होगी। विशेष सत्र में पहली बार संसद से पारित ना होने वाले बिल पर चर्चा होगी। इस सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विस्तृत चर्चा होने जा रही है। इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है, जिससे सदन में तीखी बहस होने के आसार हैं।

सरकार बताएगी महिला सशक्तिकरण की प्राथमिकता

राज्य सरकार इस विशेष सत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और महिला सशक्तिकरण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता सामने रखेगी। भाजपा की महिला विधायक और मंत्री सरकार की योजनाओं और स्थानीय निकायों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को प्रमुखता से रखेंगी।

कांग्रेस ला सकती है संकल्प प्रस्ताव

वहीं कांग्रेस 2023 में पारित  महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने को लेकर संकल्प प्रस्ताव ला सकती है। विपक्ष सरकार से पूछेगा कि कानून बनने के बाद भी महिलाओं को इसका लाभ तुरंत क्यों नहीं मिल रहा है।

परिसीमन और जनगणना पर घेराव की तैयारी

कांग्रेस और विपक्ष परिसीमन व जनगणना पूरी होने तक आरक्षण लागू नहीं होने के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। विपक्ष का आरोप है कि महिला आरक्षण को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

विशेष सत्र पर सबकी नजरें

एक दिवसीय विशेष सत्र को देखते हुए दोनों दलों ने अपने विधायकों को सदन में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक महिला आरक्षण पर यह चर्चा आगामी चुनावी समीकरणों के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है।