सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज: बड़वाह-ओंकारेश्वर-खेड़ीघाट मिलाकर बनेगा नया विकास प्राधिकरण

सिंहस्थ की मंत्रिमंडलीय समिति का फैसला: ओंकारेश्वर में हेलीपैड और अस्पताल बनाने को दी स्वीकृति, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर 6वीं बैठक।

सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज: बड़वाह-ओंकारेश्वर-खेड़ीघाट मिलाकर बनेगा नया विकास प्राधिकरण

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में Simhastha 2028 की तैयारियों को लेकर गठित मंत्रिमंडलीय समिति की 6वीं बैठक में ओंकारेश्वर क्षेत्र के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में कुल 17 नए कार्यों को मंजूरी दी गई, जिनमें धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में सबसे अहम निर्णय यह रहा कि Barwaha, Omkareshwar और Khedi Ghat क्षेत्रों को मिलाकर एक नया विकास प्राधिकरण गठित किया जाएगा। इस प्राधिकरण का उद्देश्य खंडवा और खरगोन जिलों में होने वाले विकास कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित करना और परियोजनाओं को तेजी से पूरा करना है। सरकार का मानना है कि इससे क्षेत्र में योजनाबद्ध शहरी विकास को गति मिलेगी।

ओंकारेश्वर में बनेगा आधुनिक अस्पताल और हेलीपैड

बैठक में ओंकारेश्वर में एक बड़े अस्पताल और हेलीपैड के निर्माण को भी मंजूरी दी गई। यह दोनों सुविधाएं आपदा प्रबंधन, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के निर्देश भी दिए। बढ़ती श्रद्धालु संख्या को ध्यान में रखते हुए यातायात और पार्किंग व्यवस्था को मजबूत करने की योजना पर भी काम किया जाएगा। इससे सिंहस्थ 2028 के दौरान भीड़ प्रबंधन में सहायता मिलेगी।

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को मिलेगी गति...

बैठक में उज्जैन में शिप्रा नदी के किनारे बन रहे घाटों के विकास कार्यों को भी तेज करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि घाटों के साथ-साथ पहुंच मार्ग और पार्किंग की व्यवस्था भी समानांतर रूप से विकसित की जाए। इसके अलावा, घाटों के प्रबंधन में स्थानीय आश्रमों और गुरुकुलों को जोड़ने का सुझाव भी दिया गया, जिससे उनकी भूमिका को बढ़ाया जा सके।

सरकार का लक्ष्य है कि सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए ओंकारेश्वर और उज्जैन दोनों क्षेत्रों में आधुनिक और व्यवस्थित ढांचा तैयार किया जाए। इन फैसलों से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।