मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: भोपाल मेट्रो को अतिरिक्त राशि की मंजूरी, कपास पर मंडी शुल्क हुआ आधा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में लिए गए किसानों, मेट्रो और कृषि विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय

मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: भोपाल मेट्रो को अतिरिक्त राशि की मंजूरी, कपास पर मंडी शुल्क हुआ आधा

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम् गान के साथ हुई। बैठक के बाद MSME मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर उन्हें बधाई भी दी गई और विभिन्न विकास योजनाओं सहित राज्य के भविष्य के एजेंडे पर चर्चा की गई।

प्रधानमंत्री के 12 वर्ष पूरे होने पर बधाई

कैबिनेट बैठक में सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके कार्यकाल के 12 साल पूरे होने पर बधाई दी गई। सरकार की ओर से कहा गया कि पिछले 12 सालों में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ी है, विकास की गति तेज हुई है और गरीबी में उल्लेखनीय कमी आई है। इसी अवसर पर मध्य प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को लेकर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।

सरकार ने बताया कि आम लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए विभिन्न स्थानों पर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले में कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।

नई ट्रांसफर पॉलिसी, 15 जून तक पूरे होंगे तबादले

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी मंत्रियों और विभागों से कहा कि नई स्थानांतरण नीति के तहत होने वाले सभी तबादलों की प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी कर ली जाए। इसके लिए 15 जून की समय सीमा तय की गई है।

भोपाल मेट्रो परियोजना को मिली नई मंजूरी

कैबिनेट के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में भोपाल मेट्रो परियोजना शामिल रही। सरकार ने बताया कि साल 2016 में तैयार की गई इस परियोजना की लागत समय के साथ बढ़ी है। इस योजना की उस समय मूल लागत 6 हजार 41 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 10 हजार 33 करोड़ रुपये हो गई है। कोविड काल और अन्य परिस्थितियों के कारण परियोजना की लागत में वृद्धि हुई है।

इसी को देखते हुए कैबिनेट ने 3 हजार 992 करोड़ की अतिरिक्त राशि की स्वीकृति प्रदान की है। सरकार का दावा है कि लगभग 30 किलोमीटर लंबी भोपाल मेट्रो परियोजना को अब तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा और अगले दो सालों में इसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। यह परियोजना राजधानी भोपाल के सार्वजनिक परिवहन तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

प्राकृतिक खेती और कृषि पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती आज समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इसी दिशा में किसानों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इंदौर में आयोजित ब्रिक्स देशों के कृषि सम्मेलन में भी प्राकृतिक खेती के लाभों को लेकर विशेष चर्चा की गई।

इसके अलावा भारत, लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों के बीच इंदौर में आयोजित सेमिनार का भी उल्लेख किया गया। सरकार के अनुसार मध्य प्रदेश से लैटिन अमेरिकी देशों को करीब 3,800 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ है, जिसमें फार्मास्यूटिकल क्षेत्र का बड़ा योगदान रहा है। यह निर्यात पिछले वर्षों की तुलना में करीब 19 प्रतिशत अधिक बताया गया।

बैठक में सूर्य घर योजना की समीक्षा की गई

बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सरकार के अनुसार मध्य प्रदेश में करीब दो लाख घरों तक सोलर रूफटॉप सिस्टम पहुंच चुका है। राज्य सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक घरों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना है ताकि लोगों को लंबे समय तक बिजली खर्च में राहत मिल सके और स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़े।

कपास पर मंडी शुल्क आधा किया गया

किसान कल्याण वर्ष के तहत सरकार ने कपास उत्पादक किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब कपास पर लगने वाला मंडी शुल्क 1 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि महाराष्ट्र की सीमावर्ती मंडियों में पहले से कम शुल्क होने के कारण मध्य प्रदेश के कई किसान और व्यापारी वहां का रुख कर रहे थे। इससे बुरहानपुर, खंडवा और निमाड़ क्षेत्र की जिनिंग फैक्ट्रियों को नुकसान होता था। नए निर्णय के बाद कपास का प्रसंस्करण मध्य प्रदेश में ही बढ़ने की उम्मीद है, जिससे किसानों और स्थानीय उद्योगों दोनों को लाभ मिलेगा।

अन्य कृषि जिंसों पर बढ़ा मंडी शुल्क

कैबिनेट ने एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सामान्य कृषि जिंसों पर मंडी शुल्क 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत कर दिया है। सरकार के अनुसार इससे करीब 800 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने की संभावना है।

सरकार ने स्पष्ट किया कि बढ़ी हुई राशि का उपयोग किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में किया जाएगा। इसमें कृषि सड़कों का निर्माण, मंडी अवसंरचना का विकास, गो-संवर्धन, कृषक कल्याण योजनाएं, कृषि अनुसंधान और जनजागरूकता कार्यक्रम शामिल होंगे।

उर्वरक उपलब्धता पर विशेष तैयारी

हालांकि उर्वरक का मुद्दा कैबिनेट के एजेंडे का हिस्सा नहीं था, लेकिन मुख्यमंत्री ने आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए इस विषय पर विशेष चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसानों को उर्वरक की कमी न हो, इसके लिए अभी से तैयारी शुरू की जाए।

सरकार ने प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विधायकों, मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच समन्वय बनाकर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी योजनाओं को भी मंजूरी

कैबिनेट ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संचालित विभिन्न परामर्श और सेवा योजनाओं की निरंतरता को भी मंजूरी दी। इसके लिए करीब 235 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। सरकार का कहना है कि इससे विभाग की विभिन्न सेवाओं और योजनाओं का संचालन लगातार जारी रह सकेगा।

विकसित मध्य प्रदेश की दिशा में आगे बढ़ने का दावा

बैठक के अंत में विकसित भारत 2047 की परिकल्पना के अनुरूप विकसित मध्य प्रदेश के लक्ष्य पर भी चर्चा हुई। सरकार का कहना है कि राज्य कृषि, उद्योग, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में तेजी से काम कर रहा है। इसी दिशा में नीति आयोग की आगामी बैठक में भी मध्य प्रदेश की विकास रणनीति और उपलब्धियों को प्रस्तुत किया जाएगा।