भारत- न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, व्यापारिक रिश्तों को मिली नई गति

भारत और न्यूजीलैंड ने आपसी व्यापारिक संबंधों को मजबूत करते हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का महत्वपूर्ण समझौता किया है। इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई

भारत- न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, व्यापारिक रिश्तों को मिली नई गति

नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड ने आपसी व्यापारिक संबंधों को मजबूत करते हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का महत्वपूर्ण समझौता किया है। इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने इसे ऐतिहासिक और भविष्य की दिशा तय करने वाला करार बताया।

यह मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए पारस्परिक लाभ वाला माना जा रहा है, जिससे व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। केंद्रीय वाणिज्य एवं निवेश मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता लोगों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। इससे किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने और भारतीय उद्यमियों, महिलाओं, छात्रों व नवप्रवर्तकों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही, यह भारतीय युवाओं को वैश्विक स्तर पर सीखने और काम करने के बेहतर विकल्प उपलब्ध कराएगा।

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि इस समझौते के तहत भारत को निर्यात होने वाले न्यूजीलैंड के लगभग 95 प्रतिशत उत्पादों पर शुल्क घटाया जाएगा या पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगले 20 वर्षों में न्यूजीलैंड का भारत को वार्षिक निर्यात 1.1 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 1.3 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है।

लक्सन ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और यह समझौता न्यूजीलैंड के कारोबारियों को 1.4 अरब भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुंच प्रदान करेगा। उन्होंने इसे दोनों देशों की मजबूत मित्रता और विश्वास का प्रतीक बताया।

बता दें कि न्यूजीलैंड के साथ हुआ यह समझौता हाल के वर्षों में भारत का सातवां मुक्त व्यापार समझौता है। इससे पहले भारत ओमान, ब्रिटेन, ईएफटीए देशों, संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया और मॉरीशस के साथ एफटीए कर चुका है।