इंदौर में अग्निकांड पीड़ितों से मिले CM डॉ. मोहन यादव, मृतक के बेटे का बड़ा खुलासा- EV से नहीं लगी थी आग
मृतक मनोज पुगलिया के बेटे सौरभ ने चार्ज पर लगी गाड़ी से आग लगने की बात का खंडन किया। फायर ब्रिगेड पर भी उठे सवाल।
इंदौर के ब्रजेश्वरी एनएक्स कॉलोनी में बुधवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया। इस हादसे में तीन बच्चों सहित आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में मनोज पुगलिया, उनकी बहू सिमरन, साले विजय, साले की पत्नी सुमन, बेटी रुचिका और तीन मासूम बच्चे शामिल हैं। घटना के दौरान परिवार के कुछ सदस्य किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन बाकी लोग घर के अंदर फंस गए।
घटना के दूसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर पहुंचे और जंजीरवाला चौराहा स्थित सभागृह में पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों को ढांढस बंधाया। सीएम ने कहा कि वे केवल औपचारिकता निभाने नहीं, बल्कि दुख की इस घड़ी में परिवारों के साथ खड़े होने आए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव मदद करेगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

फायर ब्रिगेड की लापरवाही के आरोप
मृतक मनोज पुगलिया के बेटे सौरभ ने मुख्यमंत्री के सामने फायर ब्रिगेड की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि दमकल करीब डेढ़ घंटे देरी से पहुंची, कुछ गाड़ियां खाली थीं और फायर कर्मी नशे में थे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय पर सहायता मिलती तो उनके पिता समेत कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। साथ ही, एंबुलेंस के देर से पहुंचने की भी शिकायत की गई।
आग लगने के कारणों पर उठे सवाल
सौरभ ने इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग से आग लगने की बात को खारिज किया। उनका कहना है कि घर में कोई वाहन चार्ज नहीं हो रहा था, बल्कि पास के बिजली के पोल से आग की शुरुआत हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिजली सप्लाई बंद किए बिना पानी डालने से करंट फैल गया, जिससे मौतों की संख्या बढ़ सकती है।

जांच के बाद होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने मीडिया से चर्चा में कहा कि घटना की जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट कारण सामने आएंगे। उन्होंने बताया कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए इलेक्ट्रिक सिस्टम और सुरक्षा उपायों को बेहतर बनाने के लिए आईआईटी समेत विशेषज्ञ संस्थानों से चर्चा की जाएगी। प्रशासन को राहत और पुनर्वास कार्य तेज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
Varsha Shrivastava 
