इंदौर में साड़ी वॉकथॉन: महापौर ने दिखाई हरी झंडी, सिंगल यूज प्लास्टिक फ्री शहर का लिया संकल्प

साड़ी में उतरी महिला शक्ति ने स्वच्छता का संकल्प लेने के साथ ही शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने का संदेश दिया।

इंदौर में साड़ी वॉकथॉन: महापौर ने दिखाई हरी झंडी, सिंगल यूज प्लास्टिक फ्री शहर का लिया संकल्प

विश्व महिला दिवस से पहले रविवार को इंदौर में साड़ी वॉकथॉन का भव्य आयोजन किया गया। यह पैदल मार्च नेहरू स्टेडियम से शुरू होकर डेली कॉलेज मार्ग से होते हुए फिर स्टेडियम परिसर में संपन्न हुआ। इस आयोजन में करीब 600 से 700 महिलाओं ने साड़ी पहनकर उत्साहपूर्वक भागीदारी की। रजिस्ट्रेशन पूरी तरह निःशुल्क रखा गया था।

कार्यक्रम की शुरुआत महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने हरी झंडी दिखाकर की। इस अवसर पर नगर निगम के जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ल और बड़ी संख्या में जागरूक नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त इंदौर का संदेश देना था।

साड़ी वॉक में दिखी महिला शक्ति

फिट इंडिया एम्बेसडर आरती माहेश्वरी की अगुवाई में आयोजित इस कार्यक्रम में सफाई मित्र बहनों ने भी कंधे से कंधा मिलाकर भाग लिया। “महिला शिक्षित तो घर शिक्षित” के संदेश के साथ फिटनेस और हेल्थ कॉन्शियसनेस पर भी विशेष जोर दिया गया।

प्रतिभागियों ने कपड़े के थैले अपनाने और प्लास्टिक का उपयोग बंद करने का संकल्प लिया। महिलाओं ने कहा कि साड़ी भारतीय संस्कृति, संस्कार और एकता का प्रतीक है, और इसी परंपरा के साथ स्वच्छता का संदेश देना गर्व की बात है।

इंदौर नंबर वन बनाने का संकल्प

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर को स्वच्छता में लगातार अग्रणी बनाए रखने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। घरों में गीले और सूखे कचरे को अलग करना हो या स्वच्छता अभियानों में भागीदारी—महिलाएं हर स्तर पर नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जनभागीदारी के दम पर इंदौर इस बार भी स्वच्छता में नौवीं बार नंबर वन बनेगा।

नगर निगम ने नागरिकों से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करने, ट्रिपल आर (Reduce, Reuse, Recycle) केंद्रों पर अनुपयोगी सामान जमा करने और “वेस्ट टू बेस्ट” अभियान से जुड़ने की अपील की।

यह साड़ी वॉकथॉन महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक बनकर उभरा, जिसने पूरे देश को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त शहर का सशक्त संदेश दिया।