किसान का हल्ला बोल: दिल्ली से भोपाल तक गूंजी हुंकार, PM-CM के नाम ADM को सौंपा ज्ञापन

कलेक्ट्रेट घेर किसानों ने परिसर में किया जोरदार प्रदर्शन, बोले- कृषि सामग्री पर GST खत्म करो, सालभर MSP पर खरीदी, नकली खाद पर सजा और दिन में 10 घंटे बिजली की मांग

किसान का हल्ला बोल: दिल्ली से भोपाल तक गूंजी हुंकार, PM-CM के नाम ADM को सौंपा ज्ञापन

मऊगंज से राजेंद्र पयासी की रिपोर्ट।

भारतीय किसान संघ जिला मऊगंज, महाकौशल प्रांत के तत्वावधान में किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे गए।

जिला अध्यक्ष हरिशंकर पाण्डेय के नेतृत्व में और संभागीय अध्यक्ष छोटेलाल मिश्रा की विशेष उपस्थिति में सैकड़ों किसानों ने 'जय बलराम' के उद्घोष के साथ अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। किसान संघ ने स्पष्ट किया कि संगठन अखिल भारतीय गैर-राजनीतिक राष्ट्रवादी संगठन है, जो केवल किसानों के हित संवर्धन के लिए कार्य करता है।

प्रधानमंत्री को 17 सूत्रीय ज्ञापन, GM फसलों का विरोध

प्रधानमंत्री को प्रेषित 17 सूत्रीय ज्ञापन में किसान संघ ने केंद्र सरकार द्वारा विदेशी डेयरी उत्पाद और GM फसलों को देश में आने से रोकने के निर्णय का स्वागत किया। साथ ही मांग की कि किसी भी कीमत पर GM बीजों को भारत में प्रवेश की अनुमति न दी जाए।

संघ की प्रमुख मांग है कि कृषि आदान, कृषि यंत्रों, रासायनिक दवाइयों और बीजों पर लगने वाली GST को पूरी तरह समाप्त किया जाए या न्यूनतम दर पर लाया जाए। सभी फसलों का लाभकारी मूल्य लागत के आधार पर तय हो और सभी फसलों की समर्थन मूल्य पर सालभर खरीदी सुनिश्चित की जाए।

ज्ञापन में कहा गया कि आयात-निर्यात नीति किसान हितैषी बनाई जाए। जब किसान की फसल पककर मंडी में आए, तब उसका आयात न किया जाए। केंद्र की योजनाओं का लाभ बैंकों के रवैये के कारण पात्र किसानों तक नहीं पहुंच पाता। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर और प्रत्येक जिले में समन्वय अधिकारी नियुक्त करने की मांग की गई।

किसान संघ ने KCC लोन प्रक्रिया को पारदर्शी और ऑनलाइन करने सहित बजट के अनुसार 5 लाख रुपये तक का प्रावधान तत्काल लागू करने की मांग की। फसल बीमा योजना की सैटेलाइट सर्वे प्रणाली को असफल बताते हुए नेत्रांकन सर्वे शुरू करने और किसान सम्मान निधि को महंगाई दर के अनुसार बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।

मुख्यमंत्री को 37 सूत्रीय ज्ञापन, मंडी-बिजली और राजस्व के मुद्दे उठाए

मुख्यमंत्री को सौंपे गए 37 सूत्रीय ज्ञापन में प्रदेश स्तर की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। इसमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पारदर्शिता, जिले की शॉर्टफॉल रिपोर्ट सार्वजनिक करने, रिमोट सेंसिंग बंद कर फसल कटाई प्रयोग दोबारा शुरू करने और केला-मिर्च की फसल को बीमा में शामिल करने की मांग की गई।

सभी कृषि उपज मंडियों में आधुनिक ग्रेडिंग मशीन, डोकेज टेस्टिंग, 10 टन क्षमता वाले बड़े तौल कांटे और 24 घंटे CCTV अनिवार्य करने की मांग की गई। इसके साथ ही सोयाबीन सहित खरीफ की सभी फसलों—धान, मक्का, ज्वार और बाजरा—की समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू करने की मांग रखी गई। पिछले 2 महीने में प्रदेश में हुई रासायनिक उर्वरक की किल्लत का जिक्र करते हुए NPK खाद पर DAP की तरह सब्सिडी और सुगम वितरण व्यवस्था की मांग की गई।

दिन में 10 घंटे बिजली और ट्रांसफॉर्मर की व्यवस्था की मांग

विद्युत व्यवस्था को लेकर किसान संघ ने जले हुए ट्रांसफॉर्मर 24 घंटे में बदलने के लिए एंबुलेंस सेवा शुरू करने की मांग की। साथ ही DC स्तर पर 15 ट्रांसफॉर्मर का बैंक बनाने, अधिक भार वाले ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाने और रबी सीजन में दिन के समय 10 घंटे बिजली सुनिश्चित करने की मांग रखी गई।

राजस्व विभाग से रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण और फौती नामांतरण तत्काल करने, खेतों के पारंपरिक रास्तों का नक्शे में अंकन करने और खेत सड़क योजना शुरू करने की मांग की गई। किसान संघ ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते मांगों पर विचार नहीं किया गया तो संगठन व्यापक आंदोलन के लिए मजबूर होगा। ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे।