डॉक्टरों की जगह सुरक्षा गार्ड कर रहे मरीजों का इलाज, चितरंगी CHC में मरीज की जान से खिलवाड़
चितरंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें वायरल वीडियो में कथित तौर पर एक सुरक्षा गार्ड मरीज को इंजेक्शन लगाता हुआ दिखाई दे रहा है। इस घटना ने अस्पताल की व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सिंगरौली जिले के चितरंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सामने आए एक वायरल वीडियो ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक सुरक्षा गार्ड मरीज को इंजेक्शन लगाता दिखाई दे रहा है। यदि यह वीडियो सही है, तो सवाल उठता है कि क्या अस्पताल में मरीजों का इलाज प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों के बजाय गैर-प्रशिक्षित कर्मचारियों से कराया जा रहा है?
चितरंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की जिम्मेदारियां कई बार ऐसे कर्मचारियों से निभाई जा रही हैं, जिन्हें चिकित्सा कार्यों का प्रशिक्षण तक प्राप्त नहीं है। वायरल वीडियो ने इन आरोपों को और हवा दे दी है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि अस्पताल में सुरक्षा गार्ड या अन्य गैर-चिकित्सकीय कर्मचारी मरीजों का उपचार करते पाए जाते हैं, तो यह मरीजों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है। लोगों का आरोप है कि लंबे समय से अस्पताल की व्यवस्थाएं भगवान भरोसे चल रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
गौरतलब है कि चितरंगी अस्पताल पूर्व में भी विवादों में रह चुका है। डेढ़ साल की एक बच्ची की मौत के मामले में स्थानीय स्तर पर तैयार की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया था, जबकि बाद में रीवा मेडिकल कॉलेज की टीम की जांच में मामला हत्या का निकला। इस घटना ने भी स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए थे।

अब वायरल वीडियो के सामने आने के बाद एक बार फिर अस्पताल की व्यवस्थाएं सवालों के घेरे में हैं। क्षेत्रीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बड़ा सवाल यह है कि आखिर मरीजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा और क्या स्वास्थ्य विभाग इस मामले में कोई ठोस कदम उठाएगा?

