मऊगंज की भाटी सेंगर पंचायत में करोड़ों की योजनाओं पर सवाल, ग्रामीणों ने सरपंच-सचिव के खिलाफ की कार्रवाई की मांग
मऊगंज की भाटी सेंगर पंचायत में 74.90 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव के खिलाफ जांच, रिकवरी और कार्रवाई की मांग की है।
राजेंद्र पयासी मऊगंज
मऊगंज। जिले की ग्राम पंचायत भाटी सेंगर में सरकारी योजनाओं की राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कलेक्टर को शिकायत सौंपी है। शिकायत में सरपंच परवाज भारती और सचिव दीनानाथ द्विवेदी पर 15वें वित्त आयोग, 5वें वित्त आयोग, राज्य योजना और मनरेगा की कुल 74 लाख 90 हजार 780 रुपये की राशि बिना कार्य कराए निकालने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 और 92 के तहत मामले की जांच कर दोषियों से राशि की वसूली और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं अयूब खान, कयूम खान, नौशाद खान, अब्दुल अहमद खान सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले की शिकायत 17 फरवरी 2026 की जनसुनवाई में भी की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने दोबारा आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और भौतिक सत्यापन कराने की मांग दोहराई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2022-23 में अमृत सरोवर निर्माण के नाम पर 4.50 लाख रुपये निकाल लिए गए, जबकि मौके पर कोई निर्माण कार्य नहीं मिला। इसी तरह खेत तालाब, आंगनबाड़ी भवन, पक्की गली, पुलिया, चबूतरा, पीसीसी सड़क, कार्यालय व्यय, रोड और मोटर सहित कई मदों में लाखों रुपये खर्च दिखाए गए, लेकिन कई कार्य या तो अधूरे हैं या जमीन पर दिखाई ही नहीं देते। वर्ष 2023-24 में दो आंगनबाड़ी भवनों के लिए स्वीकृत 12.44 लाख रुपये भी बिना निर्माण शुरू किए निकाल लेने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अधूरी पुलिया और खराब निर्माण कार्यों के कारण बरसात में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने पंचायत भवन की बदहाल स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पंचायत भवन नियमित रूप से नहीं खुलता, ई-पंचायत व्यवस्था पूरी तरह बंद पड़ी है और जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र जैसी जरूरी सेवाओं के लिए लोगों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उनका आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी भी नियमित निरीक्षण नहीं कर रहे, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
इस मामले में जनपद पंचायत मऊगंज के सीईओ परमानंद तिवारी ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा निर्माण कार्यों में अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद जांच प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि पूर्व में हुई जांच के आधार पर जिला पंचायत द्वारा नियमानुसार रिकवरी तय की जा चुकी है। जून में प्राप्त नई शिकायत के बाद जांच टीम गठित की गई है और एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट जिला पंचायत को भेजी जाएगी, जिसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Anubhav Dubey 
